वरिष्ठ अफसरों को अलग-अलग सड़कों की जिम्मेदारी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में बारिश के दौरान बार-बार जलभराव वाले स्थानों की अब पीडब्ल्यूडी के वरिष्ठ अधिकारी स्वयं जांच करेंगे। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के निर्देश पर विभाग ने शनिवार को राजधानी के सभी 139 चिन्हित जलभराव स्थलों का मौके पर निरीक्षण करने का आदेश जारी किया। प्रधान सचिव से लेकर अधीक्षण अभियंताओं तक को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधिकारियों को तत्काल उपाय सुझाने के साथ 31 अगस्त तक स्थानवार रिपोर्ट एलजी को सौंपनी होगी।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 20 अगस्त तक 113 और 24 अगस्त की बारिश में 26 नए स्थान चिन्हित किए, जिसके बाद कुल संख्या 139 हो गई। हाल की बैठक में पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने एलजी को बताया कि इन स्थानों की मौके पर जांच आवश्यक है, ताकि शेष मानसून में जलभराव का प्रभाव कम किया जा सके।
प्रधान सचिव पीडब्ल्यूडी मेहरौली-बदरपुर रोड का निरीक्षण करेंगे, जबकि विशेष सचिव एमजी रोड, पुरानी दिल्ली-गुड़गांव रोड और महिपालपुर बाईपास रोड देखेंगे। इंजीनियर-इन-चीफ उत्तरी क्षेत्र के जलभराव स्थलों, जिनमें नांगलोई-नजफगढ़ रोड, जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन, मॉडल टाउन और लाला जगत नारायण मार्ग प्रमुख हैं, का निरीक्षण करेंगे। इसी तरह अन्य अधिकारियों की भी ड्यूटी लगाई गई है। न्यू रोहतक रोड, 100 फुटा रोड बुराड़ी, प्रेमबाड़ी अंडरपास, डाबड़ी नाला रोड और नजफगढ़-कापसहेड़ा रोड पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान अधिकारी नालों की निकासी, आउटफॉल की स्थिति, गाद, पंपों की उपलब्धता व संचालन तथा अतिक्रमण की भी जांच करेंगे। इसके आधार पर त्वरित और स्थाई उपाय सुझाए जाएंगे। रिपोर्ट के आधार पर ही काम किए जाएंगे। मुख्य अभियंता व अधीक्षण अभियंता 31 अगस्त तक प्रधान सचिव को रिपोर्ट देंगे, जो एलजी हाउस को भी भेजी जाएगी।
पंप ऑपरेटरों से लेकर एई-जेई तक पहनेंगे पीडब्ल्यूडी की जैकेट
जलभराव के दौरान पंपिंग व्यवस्था में तैनात कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने के लिए पंप ऑपरेटरों, पीटीओ पंप ऑपरेटरों और एई-जेई को पीडब्ल्यूडी के लोगो वाली जैकेट व रेनकोट दिए जाएंगे, जिससे लापरवाही पर जिम्मेदारी तय करने में आसानी होगी। 25 अगस्त की रिकॉर्ड बारिश के बाद एलजी ने समीक्षा बैठक की और ठोस उपायों के निर्देश दिए, जिसके बाद पीडब्ल्यूडी ने यह समयबद्ध मैदानी जांच शुरू की है।