उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) ने 130 बिल्डरों को नोटिस जारी किया है। इन सभी ने अपने प्रोजेक्ट को पंजीकृत नहीं कराया है जबकि, प्रोजेक्ट के खरीदारों ने रेरा में केस दर्ज कराया है। रेरा ने सभी बिल्डरों से 15 दिन के अंदर जवाब मांगा है कि प्रोजेक्ट को रेरा में पंजीकृत क्यों नहीं कराया है। जांच में सहीं पाए जाने पर बिल्डरों पर प्रोजेक्ट की कुल लागत का दस प्रतिशत जुर्माना लगाया जाएगा।
रेरा में प्रदेश भर के विभिन्न प्रोजेक्ट के 9 हजार से अधिक खरीदार अपना केस दर्ज करवा चुके हैं। इन पर लखनऊ और ग्रेटर नोएडा स्थित कार्यालय में सुनवाई चल रही है। इनके अलावा 554 केस अपंजीकृत प्रोजेक्टों के दर्ज हुए हैं। इन पर रेरा के सचिव अबरार अहमद सुनवाई कर रहे हैं। फिलहाल, लखनऊ में सुनवाई हो रही है, लेकिन अगले सप्ताह से ग्रेटर नोएडा स्थित कार्यालय में भी सुनवाई होगी।
लगातार अपंजीकृत प्रोजेक्टों के केस आने पर रेरा ने पिछले सप्ताह बिल्डरों पर कार्रवाई करने का फैसला लिया था। उसी के तहत रेरा ने प्रदेश भर के 130 बिल्डरों को नोटिस जारी किया है और उनसे प्रोजेक्ट को पंजीकृत नहीं कराने पर जवाब मांगा है। जवाब आने के बाद नियमों के आधार पर जांच की जाएगी। दोषी बिल्डरों पर कुल प्रोजेक्ट की लागत का दस प्रतिशत जुर्माना वसूला जाएगा। साथ ही, उन प्रोजेक्ट को रेरा में पंजीकृत करना होगा।
बाकी प्रोजेक्ट का भी ऑडिट कराएगा रेरा
नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के 48-48 बिल्डर प्रोजेक्टों का ऑडिट हुआ है। रेरा बाकी प्रोजेक्टों का भी ऑडिट कराएगा। बुधवार को होने वाली बैठक में इस पर फैसला लिया जा सकता है। रेरा के अफसरों का कहना है कि जिन प्रोजेक्ट में सबसे अधिक खरीदार फंसे हैं, उनका ऑडिट पहले होगा।
सामूहिक प्रयास से उभर सकते है 55 प्रोजेक्ट
रेरा के अध्यक्ष राजीव कुमार ने बताया कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा के 96 प्रोजेक्टों का ऑडिट हुआ है। इनमें 25 प्रोजेक्ट ऐसे हैं, जो आसानी से पूरा हो जाएंगे। उनको पूरा करने में किसी तरह की बाधा नहीं आएगी। जबकि, 55 प्रोजेक्ट की स्थिति गंभीर है। इनको सामूहिक प्रयास से उभारा जा सकता है। प्राधिकरण, बिल्डर, खरीदारों को मिलकर सहयोग करना होगा। जरूरत पड़ने पर रेरा भी सहयोग करेगा। इस पर जल्द ही योजना बनाकर कार्रवाई की जाएगी। पीडब्ल्यूसी के तीन सलाहकारों की भी मदद ली जाएगी।
अपंजीकृत प्रोजेक्टों की 554 शिकायतें मिल चुकी हैं। इन बिल्डरों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- राजीव कुमार, अध्यक्ष, रेरा