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13 साल का लड़का लाशों के बीच तलाशता रहा पिता

Sat, 04 Jul 2015 05:56 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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राजौरी गार्डन से आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह विधानसभा में उस वक्त भावुक हो गए जब वे 1984 के सिख दंगों के बारे में बता रहे थे। दंगों पर प्रस्ताव के दौरान आप विधायक का दर्द सामने आया और उनके आंसू झलक गए।
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जरनैल सिंह ने बताया कि कैसे उनके परिवार के सदस्यों को दंगों में बेरहमी से मार दिया गया। विधानसभा में 1984 के दंगों के प्रस्ताव के दौरान जरनैल सिंह ने स्पीकर राम निवास गोयल से निवेदन किया कि वे प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी को तीन दशक पुराने दंगों की जांच पर शीघ्र कार्रवाई के लिए पत्र लिखें।

इस प्रस्ताव में केंद्र सरकार से कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर की दंगों में भूमिका को लेकर उनके खिलाफ तुरंत कार्रावाई करने का भी अनुरोध किया गया है।

'हम अपने बच्चों को क्या जवाब देंगे?'

जरनैल सिंह ने अपने आंसूओं को रोकते हुए कहा कि 'ये सवाल हमारे सम्मान का है। हम अपने बच्चों को क्या जवाब देंगे, जब वे पूछेंगे कि दंगों के मुजरिमों का क्या हुआ?

मामले में एफआईआर के 23 साल बाद भी केस में कोई चार्जशीट दायर नहीं की गई है। क्या किसी दूसरे केस में ऐसा हुआ है? ये केस दोबारा शुरू होना चाहिए। स्पीकर महोदय, हमारी ओर से आप पीएम को पत्र लिखें और मामले को लेकर पीएम से मुलाकात भी करें।'

इतना ही नहीं हरि नगर से विधायक जगदीप ने भी जरनैल सिंह के पक्ष को आगे बढ़ाते हुए दंगों का जिक्र किया। जगदीप ने कहा कि 'उस समय एक 13 साल का लड़का एक पुलिस स्टेशन से दूसरे पुलिस स्टेशन तक भागता रहा।
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..तो नहीं होता 2002 का दंगा

वह अपने पिता की तलाश में प्रत्येक शव के देखता रहा। आज वह लड़का 45 साल का हो गया है, मै वही लड़का हूं।' जगदीप ने भाजपा के तीनों विधायकों की ओर इशारा करते हुए कहा कहा कि अगर आपके पास दिल है तो हम सभी 70 विधायकों को मोदी जी के पास जाकर शीघ्र न्याय की मांग करनी चाहिए।

सीएम केजरीवाल ने विधानसभा आश्वासन देते हुए कहा कि उनकी सरकार सिख दंगां पीड़ितों के लिए हर संभव मदद करने के लिए तैयार है। इसके लिए वे केंद्र सरकार का पूरा सहयोग करेंगे।

केजरीवाल के मुताबिक अगर 1984 के सिख दंगो की अपराधियों को सख्त सजा मिलती तो 2002 का दंगा कराने की किसी की हिम्मत भी नहीं होती।
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