स्वास्थ्य विभाग पूरे शहर को नसीहत देता है लेकिन उसी के नर्सिंग स्कूल में पीने के साफ पानी की व्यवस्था नहीं है। मजबूरन स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं को नल का पानी पीना पड़ रहा है।
इसकी वजह से दो दिन में 13 छात्राएं बीमार होकर बीके अस्पताल की इमरजेंसी में आ चुकी हैं।
मंगलवार सुबह नर्सिंग स्कूल से चार छात्राएं पेट में दर्द, उल्टी की शिकायत लेकर अस्पताल की इमरजेंसी में आईं। नाम न छापने की शर्त पर छात्राओं ने बताया कि उन्होंने इस बारे में अपनी अध्यापिका से शिकायत की थी।
लेकिन उन्होंने इस पर गौर नहीं किया। यहीं नहीं छात्राओं ने बताया कि उनकी शिकायत को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। अध्यापिका ने कहा है कि अगर इस बारे में उन्होंने किसी से शिकायत की तो उन्हें अस्पताल में ट्रेनिंग के लिए नहीं जाने दिया जाएगा। स्कूल में कुल 25 छात्राएं पढ़ती है।
सिविल सर्जन डॉ. रामेंद्र सिंह ने बताया कि वह चंडीगढ़ में हैं। अस्पताल लौटकर वह इस पर कार्रवाई करेंगे। छात्राओं से वह खुद बात करेंगे। अगर उनकी शिकायत को दबाने का प्रयास किया गया है तो संबंधित स्टाफ के खिलाफ उचित कार्रवाई होगी।