परीक्षा देने के लिए सभी 4333 परीक्षार्थी उपस्थित हुए जिनमें से 2179 विद्यार्थी ही पास हो पाए हैं। 951 बच्चे विद्यार्थी तथा 1145 विद्यार्थियों की कंपार्टमेंट आई है।
जिले का पास प्रतिशत इस बार 50.29 रहा है। जिले में स्कूलों की हालत बिना अध्यापकों के काफी दयनीय है जिसके कारण हर बार जिले का परीक्षा परिणाम काफी खराब रहता है। लेकिन पिछले दो-तीन वर्षों में इसमें सुधार हुआ था, जो इस बार फिर से पहले जैसी ही स्थिति में पहुंच गया है।
जिला शिक्षा अधिकारी डा. दिनेश शास्त्री की मानें तो इस बार जिले में काफी मेहनत की गई थी लेकिन जिस प्रकार से सुविधाएं व संसाधन अपर्याप्त हैं, वो भी अपने आप में एक बड़ा सवाल है।
उन्होंने कहा कि कहां कमी रही, इसकी समीक्षा की जाएगी तथा जिन स्कूलों का परीक्षा परिणाम खराब रहा है, उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। कोशिश करेंगे कि अगले वर्ष बेहतर परीक्षा परिणाम आए।