दिल्ली की जेलों में बंद कैदियों को मिलेगा फायदा
यूरोप की तरह भारत की जेलों में सुधार को लेकर केंद्र सरकार काफी गंभीर है। यही वजह है कि देशभर की जेलों के आधुनिकीकरण के लिए आम बजट में इस बार 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2024-25 में यह राशि महज 75 करोड़ थी। इस साल इसे 225 करोड़ बढ़ा दिया गया है। बता दें कि इसका सीधा फायदा दिल्ली की जेलों में बंद कैदियों को मिलेगा। राजधानी में तीन जेल तिहाड़, मंडोली और रोहिणी है। यहां फिलहाल करीब 19430 कैदी बंद हैं।
गरीब कैदियों की मदद का बजट भी बढ़ा
जेलों में बंद जो कैदी सजा के दौरान जुर्माना या जमानत की राशि नहीं भर पाते हैं, उन कैदियों के लिए भी बजट में पांच करोड़ का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2024-25 में यह राशि महज एक करोड़ रुपये थी। इस साल इसे चार करोड़ रुपये बढ़ा दिया गया है। इससे सीधे तौर पर गरीब कैदियों को मदद मिलेगी।
फोरेंसिक इंफ्रा के लिए 250 करोड़
अपराध होने के बाद आरोपी को उसके मुकाम तक पहुंचने के लिए फॉरेंसिक लैब महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहीं हैं। इसकी मदद से अपराधियों के खिलाफ सबूत इकट्ठा करने में मदद मिलती है। यही वजह है कि आज बजट में फॉरेंसिक इंफ्रा के लिए इस बार 250 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसमें 212 करोड़ रुपये लैब, भवन दफ्तर व दूसरे कामों के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे। पिछली बार फॉरेंसिक इंफ्रा के लिए कुल 44.06 करोड़ का प्रावधान किया गया था।
सीसीटीएनएस के लिए 587 करोड़
क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रेकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) के लिए इस बार 587.97 करोड़ का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2024-25 में यह राशि महज 160.12 करोड़ रुपये थी। वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह राशि तमाम राज्यों के क्रिमिनल डाटा और ट्रेकिंग नेटवर्क को मजबूत करने में इस्तेमाल की जाएगी। दिल्ली-एनसीआर और आसपास के सभी राज्य सीसीटीएनएस के जरिये एक दूसरे से जुड़े हुए हैं, वहां वह तमाम सूचनाएं एक दूसरे से शेयर करते हैं।