इन परियोजनाओं से मिलेगी रफ्तार
दिल्ली-एनसीआर में मेट्रो की कई परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। इनमें रिठाला से नरेला, इंद्रप्रस्थ से इंद्रलोक और साकेत जी ब्लॉक से लाजपत नगर शामिल हैं। इन परियोजनाओं के निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। मौजूदा समय में डीएमआरसी राजधानी में तीन कॉरिडोर के 65 किलोमीटर निर्माण पर काम कर रही है। इनमें पिंक और मजेंटा लाइन का विस्तार और नई गोल्डन लाइन का कॉरिडोर शामिल है। तीनों कॉरिडोर पर कुल 45 नए मेट्रो स्टेशन बनेंगे। मजलिस पार्क से मौजपुर पिंक लाइन पर 12.3 किलोमीटर के कॉरिडोर है। वहीं, जनकपुरी पश्चिम से आरके आश्रम मजेंटा लाइन और नई गोल्डन लाइन जो एयरपोर्ट से तुगलकाबाद तक होगी है। इसमें जनकपुरी पश्चिम से कृष्णा पार्क एक्सटेंशन तक दो किलोमीटर के अंडरग्राउंड बने सेक्शन हाल ही में शुरू किया गया है। बाकी निर्माणाधीन परियोजनाएं 2026 में पूरी हो जाएंगी।
फेज-चार की तीन परियोजनाओं को पूरा होने में नहीं होगी कोई अड़चन
दिल्ली मेट्रो के फेज-चार की तीन प्रमुख कॉरिडोर रिठाला नरेला-कुंडली, इंद्रप्रस्थ से इंद्रलोक और साकेत जी ब्लॉक से लाजपत नगर कॉरिडोर के निर्माण की मंजूरी बीते साल मिली थी। इन तीनों कॉरिडोर पर निर्माण कार्य के लिए प्री टेंडरिंग प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बजट से उम्मीद है कि इन तीनों परियोजनाओं के निर्माण को लेकर कोई अड़चन नहीं आने वाली।
दिल्ली से मेरठ का सफर का आसान
आरआरटीएस परियोजना के तहत अभी दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर पर निर्माण कार्य चल रहा है। वर्तमान में दिल्ली के न्यू अशोक नगर से मेरठ साउथ तक नमो भारत ट्रेन का परिचालन शुरू हो चुका है। कॉरिडोर के शेष हिस्सें दिल्ली में सराय काले खां और मेरठ साउथ से मेरठ के मोदीपूरम तक पर अभी काम चल रहा है। इसे इसी साल आगामी कुछ माह में पूरा करना है। बजट में इस बार 2918 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ऐसे में निर्माणाधीन हिस्सों का काम में कोई अड़चन नहीं आने वाली है।
आरआरटीएस के पहले फेज में तीन कॉरिडोर का निर्माण करने की योजना है। इसमें दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर का निर्माण कार्य चल रहा है। वहीं, दिल्ली-अलवर और दिल्ली-पानीपत कॉरिडोर का निर्माण कार्य अभी शुरू नहीं हुआ है। इसके अलावा अन्य कॉरिडोर में दिल्ली-फरीदाबाद-बल्लभगढ़-पलवल, गाजियाबाद-खुर्जा, दिल्ली-बहादुरगढ़-रोहतक, गाजियाबाद-हापुड़, दिल्ली-शाहदरा-बड़ौत शामिल हैं। इन परियोजनाओं को अभी मंजूरी नहीं मिली है। इनको भी जल्द मंजूरी मिल सकती है। आरआरटीएस परियोजनाओं के पूरा होने से एनसीआर के किसी भी शहर से दिल्ली में सफर करने वाले कम समय में दिल्ली पहुंच सकेंगे।