अकेलेपन का उठाया फायदा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता अपने परिवार के साथ स्वरूप नगर इलाके में स्थित एक मकान में रहती है। पुलिस ने बताया कि आरोपी भी उसी मकान के एक अन्य कमरे में किराए पर रहता है। रिश्तेदार होने के कारण उसका पीड़िता के घर में लगातार आना-जाना था, जिससे किसी को उस पर शक नहीं हुआ।
घटना वाले दिन जब किशोरी घर पर अकेली थी, तब आरोपी ने इस बात का फायदा उठाया। उसने मासूम को किसी बहाने से अपने कमरे में बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। जब किशोरी के परिजन घर लौटे, तो डरी-सहमी बच्ची ने उन्हें पूरी आपबीती बताई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही बुधवार को परिजन तुरंत पीड़िता को लेकर स्थानीय पुलिस थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ शिकायत दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बिना देरी किए बच्ची को बुराड़ी अस्पताल भेजा, जहां उसका मेडिकल परीक्षण करवाया गया। मेडिकल प्रक्रिया पूरी होने और पीड़िता के बयानों के आधार पर पुलिस ने दुष्कर्म की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया।
आरोपी से पूछताछ जारी
मामला दर्ज होने के तुरंत बाद पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए 33 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल, पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और मामले की आगे की कानूनी जांच में जुटी हुई है। इस घटना ने एक बार फिर बच्चियों की सुरक्षा और परिचितों पर विश्वास के मुद्दे को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।