दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेस-वे के सिरहौल टोल को समाप्त करने पर सहमति बन गई है। दिल्ली हाईकोर्ट में शुक्रवार को एनएचआईए, आईडीएफसी व डीएससी ने इस पर मुहर लगा दी। अदालत अपना फैसला 12 फरवरी को सुनाएगी।
दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेस वे पर टोल कंपनी बदलने व उसके साथ सिरहौल टोल समाप्त करने का फैसला पूरा हो चुका है। शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट में हई सुनवाई के दौरान अदालत से बाहर हुए समझौते की चर्चा हुई।
अदालत में एनएचआईए, आईडीएफसी व डीएससी मौजूद थीं। कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित कर लिया है।
गौरतलब है कि डीएससी ने एनएचआईए के साथ करार कर एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया था। कंपनी बीते सात साल से टोल भी वसूल रही है।
इसी बीच डीएससी ने टोल का हवाला देकर आईडीएफसी से 1600 करोड़ रुपए लोन ले लिया। इसका एनएचआईए ने विरोध किया।
अदालत में चल रहे विवाद के बाद टोल का मालिकाना हक आईडीएफसी के पास चला गया है। जिसके संचालन के लिए आईडीएफसी ने एक टोल बंद कर अपने हिसाब से चलाएगी।
डीएससी प्रवक्ता के अनुसार शुक्रवार को अदालत में मामले की सुनवाई हुई। जहां पर तीनों पक्ष मौजूद रहे। अदालत अपना फैसला 12 फरवरी को सुनाएगी।