दिल्ली-वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेस-वे के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) का फरीदाबाद व पलवल के 11 गांवों की जमीन अधिग्रहण का काम पूरा कर लिया गया।
अधिगृहीत की गई जमीन को बाईपास रोड को 12 लेन करने के लिए प्रयोग किया जाएगा। जिला राजस्व अधिकारी की अध्यक्षता में जल्द ही जमीन के दाम तय कर दिए उसका अवार्ड सुना दिया जाएगा। इस प्रक्रिया को पूरा होने में एक से दो माह का समय लगेगा।
एनएचएआई के परियोजना प्रबंधक धीरज सिंह ने बताया कि फरीदाबाद में कैल गांव, नंगला जोगियान, मोहला, हरफला, भनकपुर, जाजरू, सीकरी गांवों की जमीन अधिग्रहण की गई है। फरीदाबाद के अलावा पलवल के गांव खेड़ली जीता, पारौली, कलवाका और सहराला गांव की जमीन अधिगृहित की गई है। इसके अलावा गुरुग्राम और नूंह में भी जमीन अधिग्रहण की गई है।
दिल्ली से वडोदरा तक करीब 900 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे दिल्ली में डीएनडी फ्लाइओवर से शुरू होगा। यहां यमुना नदी के किनारे बसे ओखला को पार करता हुआ कालिंदी कुंज पर जुड़ेगा।
इसके बाद आगरा कैनाल के साथ-साथ सेक्टर-37 श्मशान घाट के पास आकर बाईपास रोड से जुड़ जाएगा। कैल गांव के पास एक्सप्रेस वे राष्ट्रीय राजमार्ग को पार करेगा और सोहना पहुंचेगा और केएमपी से जुड़ेगा। वहां से मुंबई व वडोदरा एक्सप्रेस-वे से जोड़ दिया जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग से सोहना तक एक्सप्रेसवे 21 गांव की जमीन से गुजरेगा।
दिल्ली के डीएनडी फ्लाइओवर से सोहना तक यह रूट करीब 60 किलोमीटर का होगा। एनएचएआई के परियोजना प्रबंधक धीरज सिंह ने बताया कि जल्द ही अधिगृहित की गई जमीन के दाम तय कर इसका अवार्ड सुनाया जाएगा।