दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने इंटर स्टेट गिरोह का पर्दाफाश कर 11 सट्टेबाजों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी भारत और आस्ट्रेलिया के बीच रविवार को खेले गए वनडे क्रिकेट मैच पर सट्टा लगा रहे थे। गिरफ्तारी के समय आरोपी करीब पांच करोड़ रुपये का सट्टा लगा चुके थे। आरोपियों से सात लैपटॉप, 74 मोबाइल फोन, दो एलसीडी टीवी, चार ब्रीफकेस व मोबाइल चार्ज करने के उपकरण बरामद हुए हैं।
अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त डा. एके सिंगला के अनुसार पुलिस को 19 जनवरी को सूचना मिली थी कि भारत व आस्ट्रेलिया के बीच बंगलूरू में खेले जा रहे वन डे क्रिकेट मैच पर दिल्ली में सट्टा लगाया जा रहा है। इस सूचना पर पुलिस टीम ने अशोक निकेतन, कड़कड़डूमा में दबिश दी और अमित अरोड़ा (48), उसके भाई अनुज अरोड़ा (44), रितेश बंसल (37), अंसुल बंसल (27), नवीन कमार (32), रोहित शर्मा (34), रितेश अग्रवाल (38), रोहित रस्तोगी (34), अमन गुप्ता(22), अंकुश बंसल (38) और अनुराग अग्रवाल (35) को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक अमित अरोड़ा इस गिरोह का सरगना है। ये पूरे भारत से सट्टे के रेट देता था। गिरोह के सट्टेबाज कुछ खास नंबरों पर फोन करते थे। ये नंबर उन्हें पहले से दिए गए थे। सट्टेबाजी के लिए ये गिरोह विशेष तौर पर बनाए गए सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करता था। अमित ने विशेष तौर पर तीन फोन कनेक्शन (तोता लाइन) की व्यवस्था की हुई थी।
ये लाइनें दिल्ली के एक ऑपरेटर से खरीदी थीं। इन लाइनों में हर गेंद के बाद सट्टे का रेट बताया जाता था। सट्टा टॉस, रन, सेशन व विकेट पर चलता था। अमित लैपटॉप में दो एप का इस्तेमाल करता था। ये एप उसे पंजाब के एक ऑपरेटर ने दी थीं।
अमित 10 वर्षों से सट्टा खेल रहा है
अमित अरोड़ा अपनी सट्टेबाजी की जगह जल्दी-जल्दी बदलता रहता था। पुलिस ने अशोका निकेतन में जिस मकान से इन सट्टेबाजों को गिरफ्तार किया है वह हाल ही में किराए पर लिया था। मूलरूप से मुजफ्फर नगर का रहने वाला अमित 12 वीं कक्षा तक पढ़ा है। इसने इलेक्ट्रॉनिक्स में डिप्लोमा किया हुआ है। इसने कॉपर वायर बनाने की फैक्टरी लगाई, मगर उसमें उसे घाटा हो गया। आरोपी पिछले 10 वर्षों से सट्टा खेल रहा है।