कालकाजी इलाके में 10वीं की छात्रा द्वारा संदिग्ध हालत में तेजाब जैसा ज्वलनशील पदार्थ पीने का मामला सामने आया है। बृहस्पतिवार शाम तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि छात्रा को पदार्थ पिलाया गया है या फिर उसने खुद पी लिया है।
सफदरजंग अस्पताल में भर्ती छात्रा की हालत गंभीर बनी हुई है। बताया जा रहा है कि उसकी आवाज चली गई है। पुलिस ने पूछताछ के लिए दो दोस्तों को हिरासत में लिया है।
दोनों ने तेजाब पिलाने की बात से इंकार किया है। पुलिस छात्रा के माता-पिता व ऑटो चालक से भी पूछताछ कर रही है। कालकाजी थाना पुलिस मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी है।
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस अधिकरियों के अनुसार, संगम विहार की रहने वाली छात्रा रितिका (15) कालकाजी में स्थित राजकीय उच्चतर माध्यमिक बाल विद्यालय-दो में 10वीं कक्षा में पढ़ती है।
छात्रा बुधवार को स्कूल गई थी। वह अभी स्कूल तक नहीं पहुंची थी कि के-ब्लॉक, कालकाजी के गोलचक्कर पर बैठ गई। छात्रा को बैठा देकर वहां से गुजर रहे ऑटो चालक ने परेशान होने का कारण पूछा।
टछात्रा से दो युवक छेड़छाड़ व परेशान करते थे'
पुलिस
- फोटो : प्रतीकात्मक चित्र
उसने बताया कि पेट में दर्द हो रहा है। छात्रा स्कूल यूनिफॉर्म में थी, इसलिए चालक स्कूल ले गया। स्कूल प्रशासन ने छात्रा की मां को बुलाया। फिर उसे पास में स्थित प्राइवेट क्लीनिक ले जाया गया।
इलाज के कुछ देर बार छात्रा को क्लीनिक से छुट्टी दे दी गई। फिर मां उसे घर ले गई। बाद में उसे सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पता चला कि उसने कोई पदार्थ पीया है।
शुरू में कहा गया था कि छात्रा को दो युवक छेड़छाड़ व परेशान करते थे। इन युवकों ने उसे तेजाब पिलाया है। कालकाजी पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने छेड़छाड़ व तेजाब जैसा ज्वलनशील पदार्थ पिलाने की बात से इन्कार किया है।
छात्रा के बयान से स्थिति होगी स्पष्ट
जांच के दौरान पुलिस ने स्कूल व घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला तो उसमें दिखाई दे रहा है कि छात्रा अकेले ही के-ब्लॉक गोलचक्कर तक पहुंची थी।
ये भी कहा जा रहा है कि हो सकता है छात्रा कई दिनों से स्कूल नहीं आ रही थी। घर ले जाकर उसके साथ मारपीट की गई और इसके बाद छात्रा ने खुद ही केमिकल पी लिया हो। छात्रा के बयान होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। पुलिस उसके ठीक होने का इंतजार कर रही है।
‘सफदरजंग अस्पताल से पुलिस को सूचना आई थी कि एक लड़की ने कुछ पी लिया है। कालकाजी पुलिस ने एफआईआर दर्जकर जांच शुरू की। आरोपों के बाद सीसीटीवी फुटेज, स्कूल शिक्षक, ऑटो ड्राइवर सबके बयान लिए जा रहे हैं। छात्रा के शरीर पर जलने के कोई निशान नहीं हैं। होंठ व जीभ कुछ भी नहीं जला है। डॉक्टर से पूछा जा रहा है कि केमिकल कौन सा था।’ - मंदीप सिंह रंधावा, डीसीपी, दक्षिण-पूर्व जिला