दिल्ली के एक निजी अस्पताल में 102 वर्ष की महिला का सफलता से पेस मेकर लगाया गया है। पेस मेकर लगाने की पूरी प्रकिया में महज 20 मिनट का समय लगा। अस्पताल का दावा है कि इतनी बुजुर्ग महिला को भारत में पहली बार पेस मेकर लगाया गया है। महिला अब पूरी तरह से स्वस्थ है।
फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हार्ट इंस्टीट्यूट की कार्डियक पेसिंग और इलेक्ट्रोफीजियोलॉजी विभाग की सीनियर कंसलटेंट डॉ. अपर्णा जसवाल ने बताया कि 100 वर्ष से अधिक उम्र की महिला को पेस मेकर लगाना चुनौतीपूर्ण काम था। क्योंकि इस उम्र में सर्जरी करने पर खतरा तो रहता ही है साथ ही ऑपरेशन थियेटर में अधिक समय बीताने से संक्रमण का भी खतरा रहता है। लिहाजा इन सभी चीजों को ध्यान में रखते हुए 20 मिनट में ही पेस मेकर लगाने की प्रक्रिया पूरी की गई। इससे पहले 105 वर्ष की उम्र में दो पुरुषों की पीजीआई चंडीगढ़ और संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में सर्जरी की जा चुकी है।
डॉ. जसवाल ने बताया कि पेस मेकर लगाने के लिए कॉलर की हड्डी के नीचे से चल रही धमनियों के रास्ते दिल तक लीड डाले गए। लीड्स सही तरीके से काम कर रहा है या नहीं इसकी जांच के लिए इन्हें एक जेनरेटर से जोड़ा गया। मरीज का पल्स 30 तक पहुंच गया था जो आमतौर पर प्रति मिनट 65 से 80 होनी चाहिए। अस्पताल के मुताबिक हरियाणा के पानीपत की रहने वाली माया देवी (102) को अचानक से उनके घर में ही हार्ट अटैक हुआ। इसके बाद 21 नवंबर को उन्हें दिल्ली के फोर्टिस एस्कॉट्स हाई इंस्टीट्यूट लाया गया। मेडिकल जांच के बाद पेस मेकर लगाने का निर्णय लिया गया। बुजुर्ग महिला अब पूरी तरह से स्वस्थ हैं हालांकि उन्हें अभी तक अस्पताल से छुट्टी नहीं मिली है।