जामिया मिल्लिया इस्लामिया की स्थापना आज से सौ साल पहले 29 अक्टूबर 1920 को की गई थी। गुरुवार को संस्थान के सौ साल पूरे होने पर बसपा सांसद दानिश अली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस अवसर पर एक विशेष डाक टिकट जारी करने की मांग की है। उन्होंने इस संदर्भ में संंबंधित मंत्रालय को निर्देश जारी करने की मांग भी की है। उन्होंने प्रधानमंत्री को इस बात के लिए धन्यवाद भी किया है कि उन्होंने संस्था के सौ वर्ष पूरे होने पर विशेष फंड जारी करवाया।
अमरोहा से बसपा सांसद कुंवर दानिश अली ने इसके पहले भी जामिया का मुद्दा उठाकर संस्था को राष्ट्र के विकास में एक महत्वपूर्ण स्तंभ बताया है। उन्होंने याद दिलाया है कि इस संस्था ने अनेक शीर्ष विद्वान दिए हैं जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर देश की सेवा की है। उन्होंने हर वर्ग के लोगों से संस्था की गरिमा बनाए रखनेे की भी अपील की थी।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर उन्हें संबोधित करते हुए सांसद दानिश अली ने पत्र लिखकर जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के रुके हुए फंड जारी कराने की मांग की थी। उन्होंने लिखा था कि फंड की कमी के कारण विश्वविद्यालय इस वर्ष अब तक अपने यहां एडहॉक शिक्षकों की भर्ती तक नहीं कर सका है। इससे यहां के पीएचडी छात्रों के शोध और संस्था की अंतरराष्ट्रीय छवि प्रभावित होगी।
उन्होंने इतिहास का हवाला देते हुए लिखा था कि विश्वविद्यालय के सामने 1925 में आर्थिक समस्या खड़ी हो गई थी। इससे संस्थान के बंद होने तक का खतरा हो गया था। लेकिन इस अवसर पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने संस्था के प्रमुख अधिकारी हकीम अजमल खान से कहा था कि वे भीख मांग लेंगे, लेकिन जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय बंद नहीं होना चाहिए। गौरतलब है कि अब तक ऐसे विश्वविद्यालयों को विशेष फंड दिये जाने की परंपरा रही है, जो अपनी स्थापना का सौवां वर्ष पूरा करते रहे हैं।