शेख फरीद की नगरी फरीदाबाद से पहली बार केंद्रीय मंत्री बने कृष्णपाल गुर्जर से क्षेत्र के लोगों को काफी उम्मीदें हैं।
सड़क, परिवहन एवं जहाजरानी मंत्रालय का राज्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने पूरे हरियाणा में सड़कों और पुलों का जाल बिछाने का दावा किया था, लेकिन 100 दिन बीतने के बाद भी अभी तक दिल्ली-आगरा हाईवे पर वह रिपेयरिंग तक नहीं करवा सके हैं। घोषणाएं तो बहुत हुईं, लेकिन वह अभी कागजों पर हैं।
गुर्जर का कहना है कि किसी भी देश के विकास की कल्पना सड़कों और पुलों के बिना नहीं हो सकती। अमेरिका में सड़कें अच्छी हैं, इसलिए वह अच्छा है, इसलिए 100 दिन में सड़कों और पुलों का जाल बिछाने का कार्यक्रम बनाया गया है। इस समय पूरे प्रदेश में 2,082 किलोमीटर नेशनल हाईवे है।
आने वाले दिनों में यहां लगभग 2,000 अतिरिक्त किलोमीटर नेशनल हाईवे और बनाने की घोषणा करने का प्रस्ताव है। सड़कों के मामले में हमेशा उपेक्षित रहे इस प्रदेश को मंत्रालय ने 5,000 करोड़ रुपये का बजट दिया है।
उनका कहना है कि पिछले 10-15 साल में हरियाणा का सबसे पुराना औद्योगिक शहर फरीदाबाद राजनीतिक रूप से उपेक्षा का शिकार रहा है। यहां पर सड़कों की दशा बहुत खराब है। उद्योग आ नहीं रहे हैं। हरियाणा से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुराना लगाव है, क्योंकि वह यहां के भाजपा प्रभारी रह चुके हैं, इसलिए उनका यहां के विकास पर फोकस है।
100 दिन की महत्वपूर्ण कोशिशें
1-दिल्ली-एनसीआर के बीच लोगों को जाम के झाम से मुक्ति दिलाने के लिए ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे (ईपीई) को सरकार ने अब खुद पैसा लगाकर बनाने का फैसला लिया है। बीओटी (बिल्ट ऑपरेट ट्रांसफर) आधार पर अब तक इसे बनाने कोई ठेकेदार आगे नहीं आया। इस पर करीब 4,500 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
2-फरीदाबाद-ग्रेटर नोएडा कनेक्ट करने के लिए मंझावली में 200 करोड़ रुपये की लागत से पुल की आधारशिला। इससे दोनों शहर नजदीक आएंगे। अभी इसकी डीपीआर बन रही है।
3-फरीदाबाद का खोया हुआ गौरव लौटाने के लिए शहरी विकास मंत्रालय से 1,000 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज मांगा गया है। इस पर विचार हो रहा है। इस पैसे से शहर की अंदरूनी सड़कों को ठीक करने का काम किया जाएगा।
4-दिल्ली-गुड़गांव-फरीदाबाद-नोएडा का मेट्रो रिंग बनाने का शहरी विकास मंत्रालय को प्रस्ताव दिया।
5-कैथल से राजस्थान बॉर्डर तक 160 किलोमीटर तक राष्ट्रीय राजमार्ग को फोर लेन करने के काम का शिलान्यास।
6-नारनौल-रेवाड़ी, डबवाली-हनुमान गढ़-गोलूवाला, नूंह-गुड़गांव, सोनीपत-झज्झर-जोहरू और सिरसा-हरियाणा/पंजाब बॉर्डर को नया राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित कराया।