हाईटेक शहर नोएडा और ग्रेनो में अप्रैल तक 100 बसें चलनी शुरू हो जाएंगी। दोनों शहरों के बीच उन सभी रास्तों पर बसें उपलब्ध होंगी, जिन रूटों पर फिलहाल आने-जाने में दिक्कत होती है।
बस सेवा दुरुस्त करने के लिए प्राधिकरण ने निजी बस ऑपरेटर की तलाश शुरू कर दी है। सोमवार को प्राधिकरण सीईओ रमा रमण के समक्ष इस योजना पर प्रस्तुतीकरण हुआ। प्रोजेक्ट के लिए नामित सलाहकार अरबन मास ट्रांजिट कंपनी ने प्रोजेक्ट का ब्योरा सौंपा।
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प्रस्तुतीकरण के बाद मौखिक सहमति बनी कि जो प्राइवेट बस ऑपरेटर बसें चलाएगा, उसके लिए प्रति किलोमीटर के हिसाब से धनराशि तय की जाएगी। टिकट से जो आमदनी होगी, उसे निकालकर बाकी का भुगतान प्राधिकरण करेगा। बसें मुहैया कराने से लेकर चलवाने तक का जिम्मा ऑपरेटर पर होगा।
चयन के लिए एक सप्ताह में एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट मांगा जाएगा। आने वाले प्रस्तावों के आधार पर एस्टीमेट तैयार होगा। सौ बसों में से 40 बसें नोएडा में और 30 बसें ग्रेटर नोएडा के अंदरूनी सेक्टरों को जोड़ते हुए चलेंगी। बाकी 30 बसें दोनों शहरों के बीच चलेंगी। दिल्ली की तरह ये बसें भी लो फ्लोर एसी और नॉन एसी बसें होंगी।
ऑपरेटर का चयन करने की पहली प्राथमिकता प्राधिकरण ने यह तय की है कि उशके पास कम से कम 50 बसें अपनी होनी चाहिए, ताकि चुने जाने के तुरंत बाद काम शुरू कर सके। अभी प्राधिकरण की दी हुई बसों को चलाने का जिम्मा रोडवेज पर है। इसके अलावा यही कंपनी नोएडा के लिए मल्टीमोड ट्रांसपोर्ट पॉलिसी भी बना रही है।
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इसमें रिक्शा से लेकर मेट्रो तक के संचालन की नीति निर्धारित की जाएगी। प्रस्तुतीकरण में नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ पीके अग्रवाल, डीसीईओ अखिलेश सिंह, राजेश प्रकाश, विजय यादव और ग्रेनो प्राधिकरण के ओएसडी योगेंद्र यादव समेत अन्य अधिकारी शामिल रहे।
गोलचक्कर से अट्टा रूट पर बंद होंगी बसें
मेट्रो को ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण जल्द ही गोलचक्कर से रजनीगंधा चौक होते हुए अट्टा और सेक्टर-18 के बीच से गुजरने वाली बसों को बंद करने की योजना बना रहा है। इतनी दूरी में वाहनों की भीड़ को देखते हुए प्राधिकरण बसों का रूट बदलना चाह रहा है। इसके लिए नए रूट की तलाश की जा रही है।
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आउटर रिंग रोड बसों का भी प्लान
नोएडा की बाहरी सड़कों को जोड़ते हुए रूट तय करके बसें चलाने के प्लान पर भी प्राधिकरण काम कर रहा है। दिल्ली की तरह यहां भी यात्री अपनी सुविधानुसार बाहरी क्षेत्र में उतरकर अपने गंतव्य तक जा सकें।
205 बसों का प्रस्ताव शासन के पास
जवाहर लाल नेहरू अरबन रेनेवल मिशन के तहत केंद्र सरकार से मिलने वाली 205 बसों का प्रस्ताव बनाकर प्राधिकरण ने शासन को भेजा है। वहां से यह प्रस्ताव केंद्र को भेजा जाएगा। अभी शासन में इस प्रस्ताव पर राज्य स्तरीय कमेटी की संस्तुति बाकी है।