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मंडी में लगी आग, गेहूं की 10 हजार बोरियां जलकर खाक

Thu, 13 Apr 2017 08:07 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
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fire in mandi - फोटो : अमर उजाला
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अनाज मंडी में बृहस्पतिवार सुबह साढ़े दस बजे गेहूं से भरी बोरियों में सुलगी चिंगारी ने आग का रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते आग ने पूरे चट्टे को अपने लपेटे में ले लिया। पास में काम कर रहे श्रमिकों, आढ़तियों व किसानों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन लपटें लगातार फैलती गईं। 
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मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग से आठ से दस हजार बोरियां जलने का अनुमान लगाया जा रहा है। दोपहर को जायजा लेने पहुंचे जिला उपायुक्त समीरपाल सरों ने एसडीएम से इस मामले की रिपोर्ट तलब करते हुए गेहूं का उठान नहीं करने वाले ट्रांसपोर्टर के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। 

मंडी के चेयरमैन हुकुम सिंह भाटी, सचिव ऋषि कुमार, प्रधान सुनील भारद्वाज मौके पर पहुंचे। मार्केट कमेटी सचिव का कहना है कि अगर समय रहते आग पर काबू न पाया गया होता तो बड़ा भारी नुकसान हो सकता था। 
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इस आगजनी के लिए आढ़ती सीधे तौर पर अज्जी कॉलोनी के नशेड़ियों पर शक जता रहे हैं। उनका कहना है कि कॉलोनी के नशेड़ी युवा मंडी में आकर तरह-तरह का नशा करते हैं। बृहस्पतिवार सुबह भी तीन नशेड़ी युवा बोरियां पर बैठकर सिगरेट पी रहे थे। आढ़तियों का कहना है कि जब वे उन्हें ऐसा करने से मना करते हैं तो वे झगड़े पर उतर आते हैं। प्रशासन की तरफ से मंडी में न फसल की सुरक्षा का कोई इंतजाम है न ही किसान व आढ़तियों की सुरक्षा का बंदोबस्त है। 
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लोगों ने किया हंगामा

fire in mandi - फोटो : अमर उजाला
आग लगने के बाद किसानों और आढ़तियों ने हंगामा किया। लोगों ने प्रशासन पर भी लापरवाही का आरोप लगाया। दोपहर करीब 2:30 बजे  जिला उपायुक्त समीरपाल सरों ने एसडीएम अमरदीप जैन सहित आला अधिकारियों के साथ मौका मुआयना किया। उपायुक्त ने उठान न करने वाले विजय ट्रांसपोर्ट कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि दो दिन में उठान नहीं हुआ तो ट्रांसपोर्टर व संबंधित लोग कार्रवाई के लिए तैयार रहें। उपायुक्त ने मंडी में 24 घंटे फायर ब्रिगेड की गाड़ी और पुलिस बल तैनात करने की हिदायत दी। 

आगजनी के लिए सीधे तौर पर ट्रांसपोर्टर और मार्केट कमेटी के अधिकारी जिम्मेदार हैं। आढ़ती उठान नहीं होने से नाराज हैं। भविष्य में उठान का जिम्मा हमें मिलना चाहिए। ट्रांसपोर्टर सरकार से 14 से 16 रुपये प्रति बोरी लेता है। जबकि लोकल ट्रांसपोर्टर इस काम को 8 से 10 रुपये में कर सकता है। 
-सुनील भारद्वाज, प्रधान आढ़ती एसोसिएशन 
 
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