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हापुड़ नवीन मंडी में 1.20 अरब की धान खरीद में बड़ा फर्जीवाड़ा, कच्ची पर्चियों पर फर्जी आढ़त का खेल

Fri, 15 Nov 2019 09:05 AM IST
शाहरुख खान जतिन त्यागी, अमर उजाला, हापुड़
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सांकेतिक तस्वीर
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हापुड़ की नवीन कृषि मंडी में जिले के हजारों किसानों से आढ़तियों ने फर्जी तरीके से करोड़ों रुपये की आढ़त वसूली है। शासन से किसानों की फसल पर आढ़त काटे जाने का कोई प्रावधान ही नहीं है, फिर भी अफसरों की नाक के नीचे यह खेल धड़ल्ले से खेला गया। 
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बृहस्पतिवार को मंडी सचिव के समक्ष किसानों ने ऐसी पर्चियां प्रस्तुत की तो वह भी दंग रह गए। इतना ही नहीं फार्म 6आर में जो दाम धान के दिखाए गए थे, कच्ची पर्चियों में वह काफी कम थे। ऐसे में किसानों से सस्ती दर पर धान खरीदने की भी पोल खुली। सचिव ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं। 

हापुड़ नवीन मंडी में बड़े पैमाने पर धान की खरीद फरोख्त होती है। यहां हापुड़ समेत आसपास के अन्य जिलों के किसान भी अपना धान बेचने के लिए लाते हैं। शासन द्वारा किसानों की फसल पर मंडी में खरीद के समय आढ़त न काटे जाने का प्रावधान है। लेकिन हापुड़ की मंडी में यह खेल जमकर खेला गया। साक्ष्य छुपाने के लिए आढ़तियों ने फार्म 6आर भी किसानों को नहीं दिया। 
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बृहस्पतिवार को एक बड़ा खुलासा यह भी हुआ कि आढ़तियों ने जो फार्म 6आर काट थे, उनमें दाम किसानों को किए भुगतान से काफी अधिक थे। पूरे मामले का खुलासा होने के बाद सचिव ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं। 
 
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काटी गई आढ़त का पैसा तुरंत वापस करें 


मंडी समिति के सचिव सुशील कुमार ने भी इस कटौती को फर्जी बताया है। साथ ही आढ़तियों को निर्देशित किया है कि वह किसानों से काटी गई आढ़त का पैसा तत्काल वापस करें। अगर ऐसा नहीं हुआ तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

अक्तूबर महीने में 1.20 अरब रुपये का खरीदा धान
हापुड़ नवीन मंडी सचिव के अनुसार अक्तूबर महीने में करीब 1.20 अरब की धान खरीद की गई थी। अधिकांश किसानों को कच्ची पर्चियां ही मिली हैं। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस रकम पर किसानों से कितनी आढ़त वसूली गई होगी। यह स्थिति अकेले इसी माह की नहीं है। हर वर्ष इसी तरह भोले भाले किसानों से फर्जी आढ़त वसूली की जाती रही। 

किसानों को नहीं मिलते फार्म 6आर
धान खरीद के समय किसानों को फार्म 6आर दिए जाने का प्रावधान है। इस फार्म की निगरानी सीधे मंडी के अधिकारी करते हैं। लेकिन आढ़ती किसानों को यह फार्म इसलिए नहीं देते क्योंकि आढ़़त वसूलने में खुली मनमानी की जाती है। 

अधिकारी का बयान
मंडी समिति के सचिव सुशील कुमार का कहना है कि किसानों ने उन्हें पर्चियां दिखायी हैं, जिन पर आढ़त काटी गई है। किसानों से आढ़त नहीं ली जा सकती। इस मामले की जांच शुरू करा दी है। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

 
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