क्या आपने कभी किसी झील पर दौड़ लगाने, उछल कूद करने या फिर आराम से सोने की कल्पना की है। शायद नहीं, लेकिन अब आप अपनी इस कल्पना को न केवल साकार कर सकते हैं, बल्कि इसे महसूस भी कर सकते हैं।
जी, हां यह सब संभव होगा उत्तराखंड की भीमताल झील में डाली गई जॉर्बिंग बॉल से। पिछले कुछ वर्षों तक भीमताल और इसके आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन के नाम पर सैलानियों के लिए घूमने-फिरने या फिर नौकायन के अलावा कुछ और विकल्प नहीं थे, लेकिन बीते एक दशक के भीतर भीमताल ने साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में अलग पहचान बनाई है।
कुछ साल पहले केएमवीएन ने पैराग्लाइडिंग की नींव रखी। हालांकि निगम ने बाद में इसे बंद कर दिया, लेकिन बाद में नौकुचियाताल निवासी यशवंत पोखरिया और पवन कुमार ने इसे अपने हाथ में लिया। आज यहां पैराग्लाइडिंग की कई साइटें चल रही हैं। इसमें डेढ़ सौ से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला है।