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उत्तराखंड: जीका और नोरोवायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, इन शहरों से आने वाले मरीजों पर विशेष फोकस

Sat, 13 Nov 2021 08:49 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

Zika virus: देहरादून के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. मनोज उप्रेती ने इसे लेकर सभी अस्पतालों को अलर्ट कर इस बारे में विभाग को भी तत्काल अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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केरल में नोरोवायरस और कानपुर में जीका वायरस के मरीज बढ़ने पर अब देहरादून जिले में भी स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. मनोज उप्रेती ने इसे लेकर सभी अस्पतालों को अलर्ट कर इस बारे में विभाग को भी तत्काल अवगत कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही लोगों से भी अपील की है कि इन वायरस के लक्षण लगने पर खुद से कोई दवा न लें, बल्कि विशेष डॉक्टर की सलाह लेकर जरूरी जांचें और दवा लें।

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केरल में आया नई तरह का वायरस
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक एवं वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. केसी पंत ने बताया कि केरल में आया वायरस नई तरह का वायरस है। इसके बारे में अभी ज्यादा जानकारी तो नहीं है, लेकिन बताया जा रहा है कि यह पशुजनित बीमारी है। जो दूषित पानी और भोजन से फैलती है। इसमें पेट संबंधी संक्रमण ज्यादा हो रहा है।

जबकि जीका वायरस के लक्षण डेंगू से मिलते जुलते हैं। इसलिए डेंगू के लक्षण होने के बावजूद अगर रिपोर्ट निगेटिव आती है तो मरीज को जीका का संदिग्ध मरीज मानकर सैंपल जांच के लिए दिल्ली, पुणे जैसे बड़े शहरों की प्रयोगशालाओं में भेजा जाता है। इस तरह के जो भी मरीज आ रहे हैं उनका ब्यौरा रखा जा रहा है।
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केरल के एक पशु चिकित्सा महाविद्यालय के छात्रों में नोरोवायरस की आशंका

वहीं, जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज उप्रेती का कहना है कि केरल के एक पशु चिकित्सा महाविद्यालय के छात्रों में नोरोवायरस की बात सामने आई है। जिसमें मरीज को पेट संबंधी परेशानियां हो रही हैं। वहीं, कानपुर में जीका वायरस के मामले बढ़ रहे हैं।

जिले के सभी अस्पतालों को अलर्ट
इन परिस्थितियों को देखते हुए जिले के सभी अस्पतालों को अलर्ट किया जा रहा है कि खासकर केरल और कानपुर जैसे संक्रमण प्रभावित जगह से आने वाले मरीज और जिनमें इस तरह के लक्षण दिखाई दें उनका नाम, पता और मोबाइल नंबर जरूर नोट करवा लें। ताकि ऐसे मरीजों की मॉनीटिरिंग की जाती रहे। साथ ही अगर उन्हें भर्ती करने की जरूरत पड़ती है तो उन्हें अस्पताल में भर्ती कर लिया जाए।

आम जनमानस से भी सीएमओ ने अपील की है कि अगर किसी तरह का बुखार, सर्दी, खांसी, जुकाम, सांस लेने में दिक्कत और पेट में गड़बड़ी जैसे लक्षण हों तो बिना चिकित्सीय सलाह के कोई भी दवा न लें। न ही बिना चिकित्सक की सलाह के दवा की दुकान से कोई दवा लें। विशेषज्ञ चिकित्सक को दिखाने और जरूरी जांचें कराने के बाद ही चिकित्सक की सलाह पर दवा लें।
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नोरोवायरस क्या है

डॉक्टरों के मुताबिक, नोरोवायरस से संक्रमित मरीज में पेट और आंतों की परत की सूजन, गंभीर उल्टी और दस्त होने की दिक्कत होती है। यह स्वस्थ इंसान को ज्यादा प्रभावित नहीं करता, लेकिन बच्चों, बुजुर्गों में गंभीर हो सकता है। नोरोवायरस आसानी से संक्रमित व्यक्तियों के साथ निकट संपर्क के माध्यम से या दूषित सतहों को छूने से फैलता है। यह वायरस संक्रमित इंसान के मल और उल्टी से भी फैल सकता है। दस्त, पेट दर्द, उल्टी, मतली, शरीर का तापमान बढ़ना, सिरदर्द और शरीर में दर्द नोरोवायरस के सामान्य लक्षण हैं।

डेंगू जैसे हैं जीका वायरस के लक्षण
जीका वायरस डेंगू फैलाने वाले एडीज एजिप्टाई मच्छर के काटने से होता है। अधिकतर इंसानों में जीका का संक्रमण कोई गंभीर समस्या नहीं है, लेकिन यह गर्भवती महिलाओं के लिए और खासतौर से भ्रूण के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। बुखार, लाल चकत्ते, मांसपेशियों में दर्द, सिर में दर्द, उल्टी आना, जीका के लक्षण हो सकते हैं।

किशोरी की जांच रिपोर्ट निगेटिव
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. राजीव दीक्षित ने बताया कि एक निजी अस्पताल में भर्ती 17 वर्षीय किशोरी में जीका से मिलते जुलते लक्षण मिले थे। डॉक्टरों की की सलाह पर उसकी जांच कराई गई थी। जांच के लिए सैंपल दिल्ली भेजा गया था, जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। किशोरी को कोई ट्रेवल हिस्ट्री भी नहीं थी।
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