पिता परचून की दुकान चलाकर परिवार का गुजर बसर करते हैं। बेटे का सपना इंजीनियर बनने का था, जो कि लोन लेकर पूरा हो रहा है। अपनी मेहनत के दम पर हेमवती नंदन भट्ट ने ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट फॉर इंजीनियरिंग (गेट) परीक्षा पास कर ली है।
मूलरूप से पिथौरागढ़ के धारचूला ब्लॉक के बलुवाकोट गांव निवासी हेमवती नंदन भट्ट इन दिनों देहरादून की डीआईटी यूनिवर्सिटी से बीटेक कर रहे हैं। उनके पिता श्याम राज भट्ट गांव में ही परचून की दुकान चलाते हैं। उनकी मां विमला देवी पढ़ी-लिखी नहीं हैं। सुदूर गांव में हेमवती ने इंजीनियर बनने का सपना देखा।
डीआईटी यूनिवर्सिटी में एडमिशन मिला तो फीस के लिए पैसे नहीं थे। इसलिए एजुकेशन लोन लेकर पढ़ाई की। इंजीनियरिंग में शोध करने के मकसद से उन्होंने गेट की तैयारी शुरू की। सेल्फ स्टडी के दम पर उन्होंने गेट पास कर ली है। उनकी इस कामयाबी पर पूरे परिवार में खुशी की लहर है।