यूसुफ को आग से घिरा देख आसपास के दुकानदारों ने पानी डालकर आग बुझाई। शरीर से उसके कपड़े अलग कर 108 की मदद से उसे जिला अस्पताल पहुंचाया जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जाती है। इसी दौरान वहां एकत्र भीड़ ने मौके से भाग रहे इरशाद को भी पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
पूछताछ में इरशाद ने बताया कि आठ साल पहले मजदूरी को लेकर उसका इंद्रा चौक पर यूसुफ से विवाद हुआ था और यूसुफ ने उसे जला दिया था। उसी रंजिश में उसने भी यूसुफ को मारने का प्रयास किया। कोतवाल केसी भट्ट ने बताया कि इरशाद को हिरासत में लिया है। फिलहाल तहरीर नहीं मिली है, तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पेट्रोल छिड़ककर यूसुफ पर आग लगाने वाले इरशाद ने पहले से उसे मारने की योजना बनाई थी। पुलिस पूछताछ में इरशाद ने बताया कि यूसुफ रोजाना उसे परेशान करता था। इससे परेशान होकर वह यूसुफ से बदला लेने की योजना बना रहा था। शुक्रवार को उसने लेबर चौक आने से पहले ही एक पेट्रोल पंप से 30 रुपये का पेट्रोल कोल्ड ड्रिंक की बोतल में भर लिया था और मौका मिलते ही वारदात को अंजाम दे दिया।