बॉर्डर पर एसएसबी द्वारा आयोजित भारत-नेपाल के नागरिकों की हाफ मैराथन में टनकपुर के एक धावक युवक की मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद नेपाल पुलिस ने शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय मैत्री दिवस पर रविवार को एसएसबी की ओर से आयोजित इंडो-नेपाल फ्रेंडशिप हाफ मैराथन आयोजित की गई।
सुबह हाफ मैराथन शुरू होने पर तल्लीछीनी (टनकपुर) निवासी किशोर भंडारी (34) पुत्र रतन सिंह भंडारी ने भी दौड़ शुरू की। करीब तीन किमी दौड़ने के बाद नेपाल के गांव जिमुवा के पास किशोर अचानक गश खाकर गिर पड़ा। दौड़ में साथ चल रही एसएसबी की एंबुलेंस से उसे आनन-फानन में महेंद्रनगर नेपाल के अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
एसएसबी के चिकित्साधिकारी डॉ. डी. दोरजी ने रिस्परेटरी कॉर्डियक एरेस्ट से मौत होने का अंदेशा जताया है। उन्होंने कहा कि मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही पता चलेगा। एसएसबी के असिस्टेंट कमांडेंट केसी राणा ने बताया कि प्रतिभागियों को दौड़ के लिए दिए गए प्रारूप में दर्ज किया गया था कि धावक अपनी जिम्मेदारी पर दौड़ेंगे।
फ्रेंडशिप डे पर आयोजित की गई थी हाफ मैराथन
अंतरराष्ट्रीय मैत्री दिवस पर रविवार को एसएसबी की ओर से आयोजित इंडो-नेपाल फ्रेंडशिप हाफ मैराथन में भारतीय सेना के जवानों का दबदबा रहा। पहला और दूसरा पुरस्कार रानीखेत कुमाऊं रेजीमेंट के जवानों ने जीता, जबकि तीसरे पुरस्कार पर नेपाल सेना के जवान ने कब्जा जमाया।
21.9 किलोमीटर लंबी हाफ मैराथन का शुभारंभ एसएसबी के आईजी श्याम सिंह ने झंडी दिखाकर किया। बारिश के बीच हुई दौड़ में नेपाल के अलावा उत्तराखंड, पंजाब और यूपी से आए प्रतिभागियों ने भी शिरकत की। नेपाल सेना, एपीएफ, नेपाली नागरिकों के अलावा भारतीय सेना, आईटीबीपी, एसएसबी, उत्तराखंड पुलिस, यूपी पुलिस और आमजन ने दौड़ में हिस्सा लिया।
रानीखेत से आए कुमाऊं रेजीमेंट के नागालैंड निवासी जवान पाचे खीमनीउंगा ने पहला स्थान पाया। दूसरा स्थान भी इसी रेजीमेंट के चंपावत निवासी जगदीश महर ने जीता। तृतीय स्थान पर नेपाल सेना के जवान होमलाल श्रेष्ठ रहे। इन्हें क्रमश: 60 हजार, 30 हजार और 20 हजार रुपए का नगद पुरस्कार दिया गया।
ओपन दौड़ में प्रतिभाग करने वाली युवतियों को भी पुरस्कृत किया गया। काशीपुर निवासी गोविंदी देवी, रुद्रपुर की ज्योति और पार्वती क्रमश: पहले तीन स्थानों पर रहीं। इन्हें भी नगद राशि देकर पुरस्कृत किया गया।
इस दौरान कमांडेंट केसी राणा, एसएसबी के एपीओ प्रफुल्ल शंकर, डीआईजी केपी सिंह, नेपाल के डिप्टी सीडीओ भोजराज श्रेष्ठ, एपीएफ के डीआईजी केएन चौधरी, एसडीएम नरेश चंद्र दुर्गापाल, नेपाल के एसपी टंक बहादुर खड़का, कमांडेंट जेपी राणा आदि शामिल थे।