परिजनों का कहना है कि इसके बाद वे एम्स ऋषिकेश लेकर गए, लेकिन वहां पर बेड न होने की बात कहकर भर्ती करने से इनकार कर दिया। बृहस्पतिवार रात को परिजन युवक को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। उस समय युवक ऑक्सीजन पर था।
उसका इमरजेंसी में इलाज शुरू किया गया। पीड़ित को वेंटीलेंटर पर रखने की जरूरत थी, लेकिन अस्पताल में वेंटीलेंटर की सुविधा नहीं होने पर सामान्य तरीके से ही इलाज दिया गया। करीब आधे घंटे बाद ही उसकी मौत हो गई।
अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. राजेश गुप्ता ने बताया कि शुक्रवार को मृतकके घर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने परिजनों की जांच करते हुए सैंपल लिये हैं। वहीं, जानकारी में आया है कि उसके परिवार दो अन्य लोग देहरादून के अस्पतालों में भर्ती हैं।