राजधानी के चौराहों से हर रोज हजारों वाहन गुजरते हैं, लेकिन यहां लोगों की सुरक्षा के इंतजाम कितने पुख्ता हैं इसका अंदाजा कारगी चौक को देखकर लगाया जा सकता है।
एक माह से यहां ट्रैफिक लाइट खराब है, लेकिन संबंधित विभाग सुध नहीं ले रहे। मौके पर पुलिस रहती है, लेकिन जवान सड़क किनारे ही खड़े रहते हैं। ऐसे में यहां हादसों की आशंका बनी हुई है।
कारगी चौक व्यस्ततम चौराहा
हरिद्वार बाईपास पर कारगी चौक व्यस्ततम चौराहा है। हर रोज यहां से 50 हजार से अधिक वाहन निकलते हैं। सुबह छह बजे से यहां बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाती है।
दोपहर के वक्त तो यहां वाहनों का दबाव काफी बढ़ जाता है। खास तौर पर आईएसबीटी और रिस्पना पुल की ओर से आने वाले वाहन तेज गति से आते हैं, लेकिन ट्रैफिक लाइट खराब होने और पुलिसकर्मियों के चौराहे पर खड़े न रहने से यहां वाहनों को नियंत्रित नहीं किया जाता।
सड़क पार करने में खासी दिक्कत
ऐसे में बंजारावाला और पटेलनगर की ओर से आने वाले लोगों को सड़क पार करने में खासी दिक्कत होती है। खास बात यह है कि चौराहे के पास ही चार स्कूल भी हैं, दोपहर में यहां से हजारों बच्चे निकलते हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा भी रामभरोसे है।
वहीं लोनिवि के ईई (यांत्रिकी) एसडी भदूला का कहना है कि ट्रैफिक लाइट पुलिस को हस्तांतरित की जा चुकी हैं। इन्हें पुलिस को ही मेंटेन करना है। हालांकि इसके कागजात लोनिवि के पास ही हैं।