आपकी आंखे बेहद खूबसूरत हैं, यह तो आपने कई दफा सुना होगा लेकिन आपकी आंखे तब और महत्वपूर्ण हो जाती हैं जब आप इनकी असल कीमत पहचानकर दुनिया में रोशनी बांटने के काम में दान कर दें।
अगर किसी की आंखों का आपरेशन हुआ है तो भी उस व्यक्ति के नेत्रों को मरणोपरांत दान किया जा सकता है। इससे कार्निया प्रत्यारोपण में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी। आंखों से कार्निया निकालकर कार्नियल अंधता से पीड़ित रोगी को लगा दी जाती है।
सर्जरी नेत्रदान में दिक्कत नहीं
अगर कार्निया खराब नहीं हुई है तो किसी भी प्रकार की सर्जरी से कोई नुकसान नहीं होता है। हिमालयन अस्पताल के नेत्र रोग विभाग के आई बैंक की प्रभारी डा नीती गुप्ता का कहना है कि आंखों की सर्जरी नेत्रदान में दिक्कत नहीं है।
नेत्रदान में उम्र भी बाधक नहीं है। चाहे जितनी उम्र का व्यक्ति हो, अगर कार्निया स्वच्छ और स्वस्थ है तो उसका इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा उम्र से कार्निया की क्वालिटी पर कोई असर नहीं आता है।
इधर अमर उजाला नेत्रदान से प्रभावित होकर शपथ पत्र भरने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। बहुत से लोगों ने नेत्रदान के लिए सपरिवार शपथ पत्र भरा है। डा गुप्ता ने बताया कि जिसने शपथ पत्र भरा है उन्हें डोनेशन कार्ड जारी कर दिया गया है।
यह कर सकते हैं नेत्रदान
.चश्मा पहनने वाले
.मधुमेह रोगी
.हाई ब्लडप्रेशर के मरीज
.दमा रोगी
.मोतियाबिंद का आपरेशन कराने वाले
यह नेत्रदान नहीं कर सकते
.एचआईवी संक्रमित
.हेपेटाइटिस बी और सी
.रैबीज
.सेप्टीसीमिया
.टेटेनस