पौधों से सुगंधित तेलों का उत्पादन करने व इससे अन्य उत्पाद बनाने के साथ ही युवा रोजगार के बेहतर अवसर सृजित कर सकें, इसके लिए मसूरी सुगंध एवं सुरस संस्थान (एमएफएफआई) और वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) के रसायन विभाग की ओर से एक माह का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है।
इलेक्ट्रॉनिक सर्विस एंड ट्रेनिंग सेंटर, लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्यम मंत्रालय के सहयोग से आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का बृहस्पतिवार को उद्घाटन किया गया। इसमें उत्तराखंड समेत देश के तमाम राज्यों के युवाओं ने ऑनलाइन हिस्सा लिया। पहले दिन एमएफएफआई निदेशक डॉ. ज्योति मारवाह ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को वन सुगंध, औषधीय और सुगंधित पौधों को समझना, सुगंधित तेलों के निकालने के तरीके के साथ व्यावसायिक क्षमता समेत तमाम पहलुओं की जानकारी दी जाएगी। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. वाईसी त्रिपाठी ने हिमालयी क्षेत्रों में वन सम्पदाओं के साथ इससे बनाए जाने वाले सुगंधित उत्पादों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में डॉ. वीके वार्ष्णेय समेत कई वैज्ञानिक शोधार्थी शामिल थे।
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हीलिंग एरोमा पुस्तक का विमोचन
उद्घाटन कार्यक्रम में प्रो. ज्योति मारवाह और मसूरी की प्रभागीय वनाधिकारी कहकशां नसीम द्वारा लिखित ‘मिस्टिक हिमालय की सुगंध और स्वाद : मानव कल्याण के लिए हीलिंग अरोमा’ पुस्तक का विमोचन किया गया।