गोरखपुर सांसद एवं महंत आदित्यनाथ महाराज ने उत्तराखंड से हो रहे पलायन के बाद उन्हीं स्थानों पर विशेष संप्रदाय की दस्तक को साजिश करार दिया। हरिद्वार में आदित्यनाथ ने कहा कि चीन और पाकिस्तान की बढ़ती हरकतों पर सीधा जवाब देने की हिमायत की और इमाम बुखारी के खिलाफ आग उगली। कहा कि बुखारी यदि पाकिस्तान के पीएम के खिलाफ बोलते तो गर्दन कलम हो जाती।
रविवार को हरिद्वार में पीर प्रेमनाथ गुरुधाम आश्रम में पहुंचे अखिल भारतवर्षीय अवधूत योगी महासभा के सभापति एवं गोरखपुर के सांसद महंत आदित्यनाथ महाराज ने कहा कि प्रदेश से पलायन रोकने को वहां पर भौतिक सुविधा पहुंचाने के लिए कार्य किया जा रहा है।
लेकिन, बुनियादी सुविधाओं के बिना पलायन नहीं रुक सकता। भारत-चीन के संबंध पर बोलते हुए कहा कि नत्थी वीजा जारी करने पर कांग्रेस को जवाब देना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और चीन के इतने हौसले बुलंद हो गए कि लगातार घुसपैठ की। जिसका जवाब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया है। उन्होंने कहा कि बुखारी को पाकिस्तान में अपमानित किया जाता है और यहां पर देश में रहकर पीएम के खिलाफ बयानबाजी करता है। ऐसी बयानबाजी वह पाकिस्तान में करता तो उसका सिर कलम कर दिया जाता।
अभी मोदी के काम का आंकलन नहीं
सांसद एवं महंत आदित्यनाथ महाराज ने कहा कि कांग्रेस के दस वर्षों के कार्यकाल में देश में महंगाई, गंगा मैली और इतनी अशांति हो गई है कि उसे दूर करने में समय लगेगा। कहा कि गंगा साफ सफाई पर मोदी कायम हैं और इसके लिए विशेष योजना बनकर तैयार हो गई है। जल्द ही इस पर कार्य शुरू हो जाएगा। कहा कि कांग्रेस बताए कि गंगा इतनी मैली क्यों हो गई है। दूसरे इतने वर्षों तक देश पर राज करने वालों को इतनी जल्दी जवाब मांगना शोभा नहीं देता। बताया कि धारा 370 पर जम्मू-कश्मीर के चुनाव के बाद निर्णय लिया जाएगा।
परंपराओं को निरंतर आगे बढ़ाते रहेंगे
अखिल भारतवर्षीय अवधूत योगी महासभा के देशभर से आए संतों ने गुरुधाम आश्रम में पीर किशन नाथ योगी को चादर ओढ़ाकर गद्दीनशीन किया। अखाड़ों के श्री महंतों ने पीर किशन नाथ पर गुरुतर भार डाला।
ब्रह्मलीन पीर शोभा नाथ एवं बाबा जोगेंद्र नाथ का शंख्याढाल गुरु धाम आश्रम में समारोह पूर्वक शुरू हुआ। सांसद गौरक्षपीठाधीश्वर महंत आदित्यनाथ महाराज ने कहा कि नाथ संप्रदाय योग एवं अध्यात्म के माध्यम से परंपराओं का निर्वहन कर रहा है।
सभी गुरु धामों में राष्ट्र और समाज के कल्याण के लिए प्रकल्प चलाए जा रहे हैं। गुरु गोरखनाथ ने जितने भी सिद्धांत बनाए थे, उन सभी का पालन महासभा कर रही है। अलवर के सांसद महंत पीर चांद नाथ ने कहा कि किशन नाथ योगी के माध्यम से यह संस्कृति गंगा द्वार से बहती रहेगी। उन्होंने अपना जीवन नाथ संप्रदाय को जन अपयोगी बनाने में समर्पित कर दिया।
नव गद्दीनशीन किशन नाथ योगी ने विश्वास दिलाया कि वह गोरखनाथ की परंपराओं को निरंतर आगे बढ़ाते रहेंगे। शंख्याढाल कार्यक्रम के माध्यम से संप्रदाय के सभी गुरुओं का स्मरण किया जा रहा है। पीर किशन नाथ को चादर देने वालों में चेताई नाथ, गणेश नाथ, मोती नाथ, मंगल नाथ, कपिल मुनि, रामानंद पुरी, ज्ञानदेव सिंह, श्यामसुंदर दास शास्त्री, सुखदेव मुनि, महंत चेताईनाथ, चिदविलासानंद, कोठारी योगी गणेशनाथ आदि प्रमुख शामिल रहे।