कोरोना में 89 फीसदी लोगों ने किया आयुष विधाओं का प्रयोग
सम्मलेन में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने पतंजलि में चल रहे अनुसंधान कार्यों की सराहना की। उन्होंने आयुष मंत्रालय एवं पतंजलि योगपीठ की ओर से यहां एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के बारे में भी जानकारी दी। कहा कि भारत में कोरोना काल के दौरान 89 प्रतिशत से ज्यादा लोगों ने अपनी स्वास्थ्य रक्षा के लिए आयुष की विभिन्न विधाओं का प्रयोग किया। एम्स भोपाल के अध्यक्ष प्रो. वाईके गुप्ता ने कहा कि पतंजलि में चल रहे अनुसंधान पूरी दुनिया का मार्गदर्शन करेंगे।
एम्स ऋषिकेश के निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने बताया कि साक्ष्य-आधारित चिकित्सा के क्षेत्र में पतंजलि ने एक बड़ा मुकाम हासिल किया है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर प्रिवेंशन एंड रिसर्च आईसीएमआर के निदेशक प्रो. शालिनी सिंह ने कहा कि कैंसर के उत्पन्न होने में नौ प्रतिशत अहितकारी भोजन का योगदान होता है। एम्स दिल्ली के प्रो. केके दीपक ने योग व ध्यान का मस्तिष्किीय तरंगों पर पड़ने वाले प्रभावों को साझा किया। पतंजलि अनुसंधान के डॉ. ऋषभ देव ने लिवर संबंधित बीमारियों के निदान में पतंजलि की ओर से निर्मित दिव्य सर्वकल्प क्वाथ एवं लिवोग्रिट को बहुत उपयोगी बताया।