जुलाई माह में राजधानी में हुए एक दर्दनाक हादसे ने सभी की आंखें नम कर दीं। चुक्खूवाला स्थित एक मकान के अंदर सो रहे दो परिवारों पर यह मकान मौत बनकर गिरा। अंदर सोये दोनों परिवारों के चार लोगों की मौत हो गई। हादसे का कारण एक पुश्ता था, जिसमें पुलिस ने प्लाट के मालिक के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया।
प्रदेश पुलिस के मुखिया बदले
प्रदेश पुलिस के मुखिया भी इसी साल बदल गए। तीन साल से अधिक के कार्यकाल के बाद पूर्व डीजीपी अनिल रतूड़ी 30 नवंबर को सेवानिवृत्त हो गए। उनके स्थान पर प्रदेश के 11वें डीजीपी अशोक कुमार ने यह जिम्मेदारी संभाली। पुलिस के कल्याण और कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने का वादा लेकर आए डीजीपी अशोक कुमार अब आने वाले कुंभ की चुनौतियों से पार पाने का प्रयास करेंगे। उनके कुर्सी संभालने के कुछ दिन बाद राजधानी के कप्तान और रेंज के आईजी का भी ट्रांसफर हो गया।
साइबर ठगों ने किया जीना मुहाल
राजधानी पुलिस को शहर के भीतर भले ही अपराधियों से चुनौतियां कम मिली हों, लेकिन हजारों किलोमीटर दूर बैठे ठग यहां के लोगों की नींद हराम किए हुए हैं। बीते एक माह के भीतर ही लगभग 60 से ज्यादा शिकायतें साइबर थाना और जिला पुलिस को मिली हैं। एसटीएफ और जिला पुलिस ने तमाम आरोपियों को पकड़ने में कामयाबी भी हासिल की है। साल के अंत में शुरू हुई यह चुनौती अगले साल या उससे भी आगे तक जारी रहने की आशंका है।