आखिरकार वर्ष 2019 बीत गया, लेकिन अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक व सीएनजी बसों में सफर करने का यात्रियों का सपना पूरा नहीं हो पाया। परिवहन निगम के अधिकारी साल भर इन बसों को सड़कों पर दौड़ाने की कवायद में जुटे रहे, लेकिन बसों की खरीद नहीं हो पायी।
बता दें, परिवहन निगम प्रबंधन ने यात्रियों को बेहतर यात्रा सुविधाएं मुहैया कराने के लिए 50 इलेक्ट्रिक व 10 सीएनजी बसों को संचालित करने को लेकर योजना तैयार की थी। इन बसों को देहरादून से दिल्ली, गुरुग्राम, चंडीगढ़, हल्द्वानी जैसे मार्गों पर संचालित करने की योजना थी। इलेक्ट्रिक व सीएनजी बसों की खरीद को लेकर परिवहन निगम के आला अधिकारी सालभर कवायद में जुटे रहे, लेकिन एक साल बीत जाने के बावजूद बसों की खरीद नहीं हो सकी।
बसों की खरीद की प्रक्रिया जारी है। सीएनजी बसों की खरीद को लेकर नई दिल्ली की इंद्रप्रस्थ कंपनी से करार भी हो चुका है। उम्मीद है कि जनवरी में पंाच सीएनजी बसें कंपनी की ओर से मुहैया करा दी जाएंगी। इलेेक्ट्रिक बसाें की खरीद का सवाल है तो उसकी भी टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। टाटा कंपनी से खरीदी गईं बसों की गुणवत्ता पर सवाल उठने से अब बसों की खरीद में तमाम सावधानियां बरती जा रही हैं।
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दीपक जैन, महाप्रबंधक, उत्तराखंड परिवहन निगम