एनएचआईडीसीएल के महाप्रबंधक कर्नल दीपक पाटिल ने बताया कि देश में यह पहली सुरंग होगी, जिसके बीच में कंकरीट की मजबूत दीवार बनाई जा रही है। इससे गाड़ियां अपनी-अपनी लेन में चलेगी और दुर्घटना की आशंका शून्य होगी। हालांकि आपातकाल में एक से दूसरी टनल में जाने के लिए दीवार में एयर टाइट दरवाजे बनाए जाएंगे।
हर 500 मीटर पर ले-बाई की सुविधा मिलेगी
सुरंग के अंदर यदि किसी वाहन में कोई खराबी आती है तो उसे ले-बाई (सड़क किनारे कुछ समय के लिए वाहन खड़ा करने का स्थान) की सुविधा मिलेगी। हर 500 किमी पर एक ले-बाई की सुविधा मिलेगी। सुरंग के दायीं व बायीं दोनों तरफ कुल सात ले-बाई बनाई जाएगी। जिसमें से चार का निर्माण पूरा कर लिया गया है।