साल भर से नासूर बने ओजरी डबरकोट स्लाइड जोन के चलते यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग 28वें दिन भी बाधित रहा।
शुक्रवार सुबह एनएच के कर्मचारियों ने मलबा साफ कर हाईवे पर यातायात बहाल किया था, लेकिन कुछ घंटों के भीतर ही दोबारा भूस्खलन होने से हाईवे एक बार फिर से बाधित हो गया। तीर्थयात्रियों एवं स्थानीय ग्रामीणों को मजबूरन तिर्खली-कुंसाला पैदल मार्ग से जोखिम भरी आवाजाही करनी पड़ रही है।
उधर, मनेरी सिलकुरा के पास भूस्खलन होने से गंगोत्री हाईवे अवरुद्ध हुआ। बीआरओ के जवानों ने आधा घंटे के भीतर मलबा साफ कर यहां यातायात बहाल कर लिया। बिजली लाइन क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। बृहस्पतिवार रात को हुई बारिश के बाद जगह-जगह हुए भूस्खलन से जिले के पांच संपर्क मोटर मार्ग भी बाधित रहे।
इनमें तीन सड़कों को तो दोपहर तक सुचारु कर दिया गया, लेकिन बीते कई सप्ताह से अवरुद्ध पड़े खरादी-नगाणगांव तथा राजगढ़ी-सरनौल मोटर मार्ग पर अभी तक यातायात बहाल नहीं हो पाया है। आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक उक्त मार्गों में नदी से भारी कटान हुआ है, जिसे पीएमजीएसवाई विभाग द्वारा जलस्तर कम होने के बाद ही दुरुस्त किया जा सकेगा।
शुक्रवार को कई बार बंद हुआ ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे
पुरानी चुंगी के पास बृहस्पतिवार को 31 घंटे बाद खुला ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग शुक्रवार को भी दिन में कई बार अवरुद्ध हुआ, जिससे लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ा। पहाड़ धंसने से पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे नरेंद्रनगर में पेयजल का संकट बना हुआ है। वाल्मीकि बस्ती और कलश क्वाटर में तो हफ्ते भर से पानी की आपूर्ति नहीं हो पाई है, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नगर क्षेत्र के लोगों ने व्यवस्था में जल्द सुधार करने की मांग की है।