वहीं दूसरी ओर यमुनोत्री हाईवे पर पालीगाड से लेकर ओजरी के बीच में जगह-जगह बादल फटने और नदी नाले उफान पर आने के कारण पालीगाड, झर्झरगाड, कुथनौर, सिलाई बैंड, ओजरी के समीप अलग-अलग स्थानों पर सड़क का करीब 20 से 30 मीटर हिस्सा बह गया।
वहां पर एनएच विभाग की ओर से सड़क को दुरूस्त करने के लिए प्रयास किया जा रहा है। डीएम प्रशांत आर्य ने बताया कि गंगोत्री से लौट रहे यात्रियों को ऋषिकेश-देहरादून की ओर भेजा जा रहा है। वहीं यमुनोत्री रूट पर सुरक्षित स्थानों पर करीब 850 यात्रियों को रोका गया है।