उत्तरकाशी में राजमार्ग निर्माण खंड (एनएच) के अभियंता नियमों की धज्जियां उड़ाने से बाज नहीं आ रहे हैं।
कई स्थानों पर चल रहा चौड़ीकरण कार्य
अब यमुनोत्री राजमार्ग चौड़ीकरणी में निकलने वाला मलबा निश्चित स्थान पर डंप करने के बजाय सीधे यमुना नदी में डाला जा रहा है। नैनबाग से बड़कोट के बीच यमुनोत्री हाईवे पर कई स्थानों पर चौड़ीकरण कार्य चल रहा है।
इस काम में निकलने वाला मलबा सीधे यमुना नदी में डाला जा रहा है, जो बरसात के दौरान आपदा को न्यौता दे सकता है।
क्षेत्र के मूलकराज राणा, अमीन सिंह, प्यार दास आदि का कहना है कि बीते दो सालों में हाईवे के मलबे को नदी में उडे़लने से खरादी में तबाही मची है, लेकिन इसके बाद भी शासन-प्रशासन सबक लेने को तैयार नहीं है।
सरकारी धन कर रहे बर्बाद
यमुनोत्री हाईवे पर बाडियागांव के पास 300 मीटर सड़क दुरुस्तीकरण तथा गांव की सुरक्षा के नाम पर एनएच तीन सालों में पांच करोड़ रुपए से अधिक खर्च कर चुका है, लेकिन अभी तक भी मार्ग असुरक्षित है।
बाडियागांव विस्थापन के लिए प्रस्तावित हैं। ऐसे में एनएच को इस स्थान पर धन की बर्बादी को बचाने के लिए हाईवे का विकल्प तलाशना चाहिए।
बाड़ियागांव के ग्रामीणों की मांग पर विस्थापन का प्रस्ताव शासन को भेज रखा है। बाडियागांव के पास हाईवे का स्थायी समाधान विस्थापन के बाद ही संभव है।
- देवमूर्ति यादव, एडीएम बड़कोट
बाडियागांव के पास यमुना नदी के कटाव से भू-धंसाव हो रहा है। हाईवे के स्थायी उपचार के लिए काम किया जा रहा है। फिलहाल यहां पर हाईवे का कोई दूसरा विकल्प नहीं है।
- दिनेश कुमार बिजल्वाण, ईई, एनएच निर्माण खंड बड़कोट