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चंद्रयानी मंदिर में हुआ यज्ञ, खलंगा मेला आज से

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नालापानी खलंगा में पूजा अर्चना करते बलभद्र खलंगा विकास समिति के पदाधिकारी व सदस्य ।
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देहरादून। ऐतिहासिक खलंगा मेले से पहले शनिवार को नालापानी स्थित चंद्रयानी मंदिर में यज्ञ, पूजन एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। ऐतिहासिक खलंगा मेला रविवार से विधिवत शुरू हो जाएगा।
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बलभद्र खलंगा विकास समिति के अध्यक्ष कर्नल डीएस खड़का ने बताया कि नालापानी पर्वतीय शृंखला के सबसे ऊं चे शिखर पर सेनानायक वीर बलभद्र थापा एवं उनके वीर सैनिकों का सुदृढ़ खलंगा किला आज भी गर्व से मस्तक उठाए खड़ा है। सन 1814 में गोरखाली तथा उत्तर भारत के गढ़वाली, कुमाऊंनी और स्थानीय लगभग 600 वीर एवं वीरांगना योद्धाओं ने सेनापति बलभद्र थापा के नेतृत्व में अदम्य साहस का परिचय देते हुए तीन बार अंग्रेजों के आक्रमण को पूरी तरह से विफल कर दिया था। इस युद्ध में सेनानायक बलभद्र थापा के केवल 600 सैनिकों जिनमें वीर, वीरांगना और बच्चों ने भी अपने प्राचीन हथियार, धनुष, त्रिशूल, भाला, बरछी, खुखरी से आधुनिक हथियारों एवं गोला बारूद से लैस लगभग 3500 से भी अधिक अंग्रेजों को लोहे के चने चबवा दिए थे।
सचिव जितेंद्र खत्री ने बताया कि वीर सेनानायक बलभद्र थापा एवं उनके वीर सैनिक चंद्रयानी मंदिर में प्रतिदिन पूजा-अर्चना किया करते थे। इसलिए मेला शुरू होने से पहले पूजा अर्चना का विधान है। मान्यता है कि इस मंदिर पर किसी भी छत जैसा निर्माण किए जाने पर छत टिकती नहीं है। बहरहाल समिति ने मंदिर की चारदीवारी निर्माण के लिए वन विभाग से संपर्क एवं लिखित निवेदन किया है। मीडिया प्रभारी प्रभा शाह ने बताया कि पूजा अर्चना के बाद प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी रविवार से सुबह 10:30 बजे से मेले का शुभारंभ होगा। इस अवसर पर खलंगा विकास समिति राम सिंह थापा, उपाध्यक्ष बीनू गुरुंग, कर्नल जीवन कुमार क्षेत्री, बालकृष्ण बराल, जेपी थापा, दीपक कार्की, शेरजंग राना, एडीएस भंडारी, पूर्णिमा प्रधान दीपक बोहरा, राजेश खत्री, संजय मल्ल आदि मौजूद रहे।
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