मानदेय समेत विभिन्न सूत्री मांगों के समर्थन में भोजन माताओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का धरना प्रदर्शन लगातार जारी है। भोजन माताएं जहां खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय पर धरना प्रदर्शन कर रही हैं वहीं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता खंड विकास कार्यालय पर धरना प्रदर्शन पर बैठी हुई हैं। शनिवार को भोजन माताओं ने जहां बुद्धि शुद्धि यज्ञ कर सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने का प्रयास किया तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भजन कीर्तन कर सरकार से मांगों पर कार्रवाई की मांग की।
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भोजन माताएं लिखित आश्वासन पर अड़ीं
विकासनगर। मानदेय बढ़ोतरी और भोजन माताओं को स्कूलों से न हटाए जाने समेत विभिन्न मांगों के समर्थन में धरने पर बैठीं भोजन माताओं ने सरकार की बुद्धि शुद्धि के लिए यज्ञ किया। भोजन माताओं ने कहा कि पूरे प्रदेश के स्कूलों में भोजन माताएं बेहद अल्प मानदेय पर काम कर रही हैं, जिनके लिए दो से तीन हजार रुपये में घर खर्च चलाना बेहद मुश्किल है। कई दिनों से भोजन माताएं मांगों के समर्थन में धरना प्रदर्शन कर रही हैं बावजूद इसके अब तक शासन स्तर का कोई भी अधिकारी उनकी सुध लेने नहीं आया है।
कहा जब तक मानदेय बढ़ोतरी और अक्षय पात्र योजना से आच्छादित स्कूलों में तैनात भोजन माताओं को नहीं हटाने का लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता तब तक उनका धरना प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा। धरना देने वालों में सुमन देवी, मुकेश देवी, बसंती थपलियाल, शांति, राजबाला, अंबिका थापा, सोनी राणा, बबली देवी, आशा चौहान, शर्मिला, सुधा, निर्मला खत्री, रविता, परमजीत, मंजू, आशा रावत, शर्मिला, कल्पेश्वरी, कृष्णा देवी, ममता चौहान, मंजू देवी, कमला राणा, काजल गुप्ता आदि शामिल रहीं।
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भजन-कीर्तन कर सरकार को जगाने का प्रयास
विकासनगर। राज्य कर्मचारी घोषित करने और मानदेय बढ़ोतरी समेत अन्य मांगों के समर्थन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने शनिवार को भजन-कीर्तन कर सरकार से मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की। ब्लॉक अध्यक्ष संध्या ने कहा कि सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मांगों को अनसुना कर रही है। सात से आठ घंटे तक लगातार काम करने के बावजूद उन्हें मानदेय के रूप में बेहद कम राशि दी जाती है। जब तक सरकार उनके मानदेय को बढ़ाकर 18 हजार रुपये नहीं कर देती तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। न वह टेक होम राशन योजना के वितरण का काम करेगी और न ही बीएलओ ड्यूटी करेंगी। जरूरत पड़ी तो आंदोलन भी किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सेविकाओं और मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को राज्य कर्मचारी घोषित करने की भी मांग की। प्रदर्शन करने वालों में सरोज तिवारी, सुमित्रा, मशरुफा, विजय लक्ष्मी, मीना, सुधा रानी, रजनी राठौर, बीना, ऊषा, आरजू, रजिया, कला, प्रमिला, शशि, बबली, विमला देवी, सुमन पाल, साधना, संगीता, अर्चना, अमृता, रोशनी, बीना, सुषमा, उर्मिला, बीना डोगरा, राधा शर्मा, निशि, अंजू रोहिला, सुलोचना, संतोष, रीता चौहान, गीता, रीता, अंजू, पिंकी, रजनीश, सीमा आदि मौजूद रहीं।