राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल का विवादों से गहरी दोस्ती है। अभी बच्चा वार्ड की छत उड़ने और वार्ड में पानी घुसने का मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था कि एक बच्चे के परिजनों के आरोप से विवादों को फिर हवा मिल गई है।
परिजनों ने आरोप लगाया है कि अस्पताल के चिकित्सकों और सहायक स्टाफ ने बच्चे का गलत ब्लड ग्रुप बताया। बाद में प्राइवेट पैथोलॉजी लैब में बच्चे का सही ब्लड ग्रुप पता चला। उन्होंने सवाल उठाया कि इस दौरान स्टाफ की लापरवाही से अगर कुछ गलत हो जाता तो इसकी जवाबदेही किसकी होती।
चुक्खूवाला निवासी विक्रम सिंह मौर्य ने बताया कि रविवार पांच जून को दून महिला अस्पताल में उनके पौत्र का जन्म हुआ। मंगलवार को बच्चे की तबियत बिगड़ने पर उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने बताया कि बच्चे के ब्लड टेस्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।