हल्द्वानी स्थित इंदिरा अम्मा भोजनालय में ग्राहकों को परोसे जाने वाले चावल में कीड़ा निकलने के बाद इसकी गुणवत्ता और व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
गरीबों को सस्ता और पौष्टिक भोजन देने का सरकार का दावा कैंटीन की अव्यवस्थाओं से पांच दिन में ही फेल हो गया है।
गरीबों को सस्ता और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की मंशा से सरकार द्वारा सरस मार्केट में चलाए जा रहे इंदिरा अम्मा भोजनालय को सरकार की लापरवाही ही पलीता लगा रही है।
कैंटीन खुलने के पांच दिन बाद भी न इसके पास संसाधन पूरे हैं न ही स्टाफ जिसके कारण इसकी गुणवत्ता पर ध्यान देना मुश्किल हो रहा है। सोमवार दोपहर बदायूं से पहुंचे जावेद अख्तर ने जब कैंटीन से भोजन लिया तो उन्हें परोसे गए चावल में कीड़ा निकला।
जावेद का कहना था कि कर्मचारियों की ओर से भोजन बनाने में लापरवाही की गई है। चावल को अगर पूरी तरह साफ कर पकाया गया होता तो उसमें कीड़ा नहीं आता। कैंटीन कर्मचारियों का कहना है कि चावल को पूरी तरह बीन कर पकाया गया था।
अंदर के हॉल से किचन तक खाना लाने में कीड़ा गिरने की संभावना है। इधर, खंड विकास अधिकारी डॉ. निर्मला जोशी की मानें तो कैंटीन के पास संसाधन कम हैं। फिर भी कर्मचारियों को राशन को साफ करने के साथ ही कैंटीन में सफाई रखने के निर्देश दिए गए हैं।
एसडीएम पंकज उपाध्याय का कहना है सूचना मिलने के बाद कैंटीन पहुंचे पर कैंटीन बंद हो गई थी। मंगलवार को निरीक्षण कर व्यवस्था जांची जाएगी।