संत कल्याण दास जी महाराज ने कहा कि अर्थ के बगैर मानव जीवन का महत्व नहीं है इसलिए हमें साधन और साध्य दोनों को बनाए रखना होगा। कहा कि इस पूरे क्षेत्र में कई स्थानों को धार्मिक और पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित करने की संभावनाएं हैं। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, राज्य सभा सांसद प्रदीप टम्टा और मध्यप्रदेश के सत्यनारायण ने भी विचार रखे और आश्रम द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की।
इससे पहले स्वामी विवेश्वरानंद ने आश्रम की स्थापना से लेकर वहां पर संचालित गतिविधियों के बारे में प्रकाश डाला। संस्कृत विद्यालय के बच्चों और अन्य बालिकाओं ने वंदना और अन्य कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ईवा आशीष, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पी रेणुका देवी, एडीएम कैलाश सिंह टोलिया, एसडीएम विवेक राय, एकेसिंह, प्रशिक्षु एसडीएम मनीष बिष्ट, डीएसपी कमलराम, तहसीलदार पीडी सनवाल, पूर्व विधाक मनोज तिवारी, सुभाष पांडे, रमेश बहुगुणा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मोहन सिंह महरा, केवल सती, दिनेश कुंजवाल, तारु जोशी, दिनेश सतवाल, पीतांबर पांडे सहित भारी संख्या में अन्य लोग मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन महामंडलेश्वर हरिचितानन्द और स्वामी विरेंद्र पाल ने किया।
प्राकृतिक सौंदर्य देखकर अभिभूत हुए राज्यपाल
घने जंगल के बीच में बने आश्रम की प्राकृतिक सुंदरता देखकर राज्यपाल केके पाल अभिभूत हो गए। उन्होंने कहा कि घने जंगलों से पानी की उपलब्धता के साथ यहां की शांत वादियां पर्यटकों को अपनी ओर बरबस आकर्षित करती हैं। राज्यपाल के साथ उनकी धर्मपत्नी ओमिता पाल और डॉ. योगेंद्र सिंह रावत भी थे।
संतों का आगमन शुरू, पूजा-अर्चना के साथ दिनभर होते रहे भजन
कल्याणिका देवस्थानम आश्रम डोल में 1670 किलो वजन का दुनिया के सबसे बड़ा श्रीयंत्र की प्राण प्रतिष्ठा पर पूजा अर्चना के कार्यक्रम शुरू हो गए हैं। यहां सुबह से शाम तक भजन-कीर्तन के कार्यक्रम भी चल रहे हैं। बाहर से संतों का पहुंचना भी शुरू हो गया है। आश्रम में 21 अप्रैल से तीन दिवसीय संत सम्मेलन कार्यक्रम भी होगा। 21 से 29 अप्रैल तक अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथा वाचक मुरारी बापू महाराज भी राम कथा प्रस्तुत करेंगे। इधर आश्रम में संत जगतगुरु श्यामदेवानंद, आत्मा राम राजगुरु, महामंडलेश्वर निगुण दास आदि पहुंच चुके हैं।