पतंजलि योगपीठ के मोटापा मुक्ति अभियान के शुभारंभ के साथ योग गुरु बाबा रामदेव का 22वां संन्यास दिवस मनाया गया। इस मौके पर सेंट्रल ओबेसिटी से मुक्ति विषय पर एक सेमिनार भी आयोजित किया गया। सेमिनार में वक्ताओं ने कहा कि विश्वभर में इस समय नब्बे करोड़ लोग मोटापे और वजन बढ़ने से परेशान हैं।
सेमीनार में एम्स के चिकित्सक एससी मनचंदा ने कहा कि योग-प्राणायाम से ही मोटापे की बीमारी का इलाज संभव है। पीजीआई चंडीगढ़ के चिकित्सक डॉ. अक्षय आनंद ने बताया कि जिन बीमारियों के उपचार करने में वे सफल नहीं हो पा रहे थे उन पर योगाभ्यास के प्रयोग करने से सकारात्मक परिणाम मिले।
इस मौके पर स्वामी रामदेव ने कहा कि विश्व में साइंस और स्पिरिचियुलिटी दोनों मिलकर काम करेंगे। भावी विश्व का निर्माण इन दोनों से मिलकर होगा। हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि पतंजलि योगपीठ विश्व निर्माण के संपूर्ण अभियान का केंद्र है। उन्होंने पतंजलि योगपीठ की ओर से योग और आयुर्वेद के उत्थान के लिए किए जा रहे प्रयासों को सराहा।
संन्यासी बढ़ाता है राष्ट्रगौरव
पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि संन्यासी का संकल्प स्वत: ऋषिकर्म बनकर प्रकट होता है, तो राष्ट्र गौरव बढ़ता है। स्वामी रामदेव के मार्गदर्शन में देशभर में पतंजलि योगपीठ के हजारों कार्यकर्ताओं के माध्यम से योग-आयुर्वेद, भारतीय संस्कृति एवं वैदिक संस्कृति, स्वदेशी, स्वास्थ्य, शिक्षा के क्षेत्रा में हो रहा पुरुषार्थ इसका प्रमाण है।
बाबा रामदेव के संन्यास दिवस पर देश भर से आए पतंजलि कार्यकर्ताओं ने वैदिक यज्ञशाला में आहुतियां डाली। आचार्य बालकृष्ण महाराज सहित अनेक आश्रम वासी भाई बहिनों ने स्वामी महाराज को माल्यार्पण कर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर योग से जुड़ी कई पुस्तकों के अंकों का विमोचन भी हुआ।