उत्तराखंड के हल्द्वानी में राजकीय मेडिकल कॉलेज के पैथोलॉजी विभाग में आर्टिस्ट पद पर कार्यरत प्रकाश चंद्र उपाध्याय ने हस्तनिर्मित चरखा बनाने का अपना ही पुराना रिकार्ड तोड़कर लिम्का बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में नाम दर्ज कराया है।
मूलरूप से हल्दूचौड़ निवासी उपाध्याय ने बताया कि वर्ष 2017 में 5 गुणा 6 गुणा, 4 मिलीमीटर साइज का विश्व का सबसे छोटा हस्तनिर्मित चरखा (वर्किंग मॉडल) बनाकर लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराया था।
अब उन्होंने ने अपना ही पुराना रिकार्ड तोड़कर 4.5 गुणा 3.5 गुणा, 3.5 मिलीमीटर हस्तनिर्मित चरखा बनाकर लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में 2019 में नाम दर्ज कराया है। उपाध्याय ने बताया कि इससे पूर्व भी वह विश्व की सबसे लंबी पेंटिंग बनाकर 2018 में नाम दर्ज करा चुके हैं।
प्रकाश के नाम विश्व की सबसे छोटी 3 गुणा 4 गुणा 4 मिमी साइज की हनुमान चालीसा बनाने समेत अब तक व्यक्तिगत पांच विश्व रिकार्ड दर्ज हो चुके हैं।