संवाद के दौरान मैड के करन कपूर ने अपनी संस्था के बारे में बताया। इन्होंने मेयर सुनील उनियाल गामा को सुझाव दिया कि कूड़ेदान की ऊंचाई कम की जाए, ताकि कूड़ा रिक्शा कूड़ेदान की सड़क पर कूड़ा न फेंके। इसके साथ उन्होंने पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर कूड़ेदान के पास सीसीटीवी कैमरा लगाने का सुझाव दिया। जिससे कि ये मॉनिटर किया जा सके कि शहर के कौन से बड़े रेस्टोरेंट हैं जो अपना कचरा यहां डंप करते हैं।
पॉलिथिन पर रोक लगाने के लिए उन्होंने सुझाव दिया कि दुकानदारों की बजाय पॉलिथिन थोक विक्रेताओं पर जुर्माना लगाया जाना चाहिए। वायु में कितना प्रदूषण है कि इसकी जांच करने के लिए हर ट्रैफिक लाइट पर एयर क्वालिटी इनडेक्स डिवाइस लगनी चाहिए। कहा कि जहां अतिक्रमण हटाया गया है। उस जगह पर साइकलिंग लेन बनाई जाए। जिससे लोग बाइक की जगह साइकिल का उपयोग कर सकें। इस दौरान मैड संस्था के अन्य सदस्यों ने सूखी पड़ी रिस्पना और बिंदाल नदी को रिचार्ज करने के लिए कई सुझाव दिए और इसे विस्तार से समझाया। कहा कि रेन वॉटर हार्वेस्टिंग से इस नदियों को पुर्नजीवित किया जा सकता है। ये नदियां शिखर फॉल से निकलती है। और वहां बहुत पानी है। लेकिन उस इलाके के कुछ स्कूल अपनी जरूरत के लिए शिखर फॉल का पानी रोककर इस्तेमाल करते हैं। जिससे शहर में आते-आते पानी खत्म हो जाता है।
मैती आंदोलन को लेकर मैड संस्था के सदस्य करन ने कहा कि हमने इसके तहत लोगों से शादी पर ही नहीं जन्मदिन पर भी पेड़ लगाने की गुजारिश की। मैती आन्दोलन को कल्याण सिंह रावत ने उत्तराखंड में शुरू किया था। जिसमें घर से विदा होते वक्त दुल्हन अपने मायके में पौधा लगाती है और परिवार वाले पौधे की देखभाल अपनी बेटी की तरह करते हैं।
आज भी ये प्रथा उत्तराखंड में चल रही है। प्रोफेसर पवन कुमार शर्मा ने बताया कि कल्याण सिंह रावत के प्रयासों से यह अभियान मुज्जफरनगर और सहारनपुर में भी चलाया गया। यह परियोजना पर्यावरण को बचाने के लिए शुरू की गई थी।
संवाद में मेयर सुनील उनियाल गामा ने मैड संस्था के प्रयासों को सराहा और उनके सुझाव पर गौर करने की बात कही। मेयर ने कहा कि नगर निगम अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है। कर्मचारी बेहद कम हैं और लोग ज्यादा हैं। लेकिन शहर को साफ रखने के लिए हम प्रयासरत हैं। कहा कि पिछले साल पर्यावरण दिवस पर पौधरोपण किया गया था। जिसमें से 50 प्रतिशत पौधे जीवित हैं। आज भी मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बिंदाल नदी में सफाई कर लोगों में अलख जगाई। मेयर गामा ने कहा कि केवल सरकार और संस्था के प्रयासों से शहर का साफ हो पाना संभव नहीं है। आज जनता की भागीदारी के बिना यह असंभव है। जरूरत है कि लोगों की इसके लिए जागरुक किया जाए और यह हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है।
संवाद में प्रोफेसर पवन कुमार शर्मा में मौजूद रहे। उन्होंने देहरादून सहित राज्य के सभी जिलों में स्थापित अपनी नक्षत्र वाटिका के बारे में बताया। इस वाटिका के जरिए शास्त्रों में लिखे 27 नक्षत्रों से संबंधित 27 लुप्तप्राय पौधों को बचाया जा रहा है। जो पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने इसकी शुरूआज जीआईसी सेलाकुई स्कूल में गमलों में की थी। बाद में तत्कालीन मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक की मदद से राज्य के 13 जिलों में यह नक्षत्र वाटिका स्थापित की गई।