शहर के प्रमुख इंदिरा मार्केट के पुनर्विकास का काम चार साल में बेसमेंट से ऊपर नहीं उठ सका है। इस बहुमंजिला इमारत में तीन मल्टिस्टोरी पार्किंग और 400 से ज्यादा दुकानदारों के लिए दुकानें बनाई जानी हैं। एमडीडीए कई बार निर्माण करने वाली कंपनी को नोटिस भेज चुका है। कंपनी के मालिकान मनमानी पर उतारू हैं। ऐसे में अब इस कंपनी का टेंडर खत्म कर इस काम को एमडीडीए खुद अपने हाथा में लेने की योजना बना रहा है। जल्द ही इस मामले में निर्णय किया जा सकता है।
इंदिरा मार्केट रिडवलमेंट योजना की घोषणा वर्ष 2016 में हुई थी। करीब छह साल बाद 2022 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसका शिलान्यास किया। समाग नाम की कंपनी को पीपीपी मोड पर काम दिया गया। इसमें 1050 कारों की पार्किंग के लिए तीन बेसमेंट बनाए जाने थे। इसके अलावा 400 से अधिक दुकानें बनाकर व्यापारियों को दी जानी थीं। पहले चरण में 250 दुकानें यहां बनाई जानी हैं। शुरुआत में जमीन पर काम शुरू करने में ही कई अड़चनें आईं। जैसे-तैसे काम शुरू हुआ तो बेसमेंट की खोदाई में ही कंपनी ने एक साल से अधिक का समय लगा दिया। जबकि, पूरा काम करने के लिए 40 महीने का समय दिया गया था।
कंपनी ने कई बार समय-सीमा को बढ़ाने का आवेदन किया तो एमडीडीए ने उसे समय भी दे दिया। अब यहां पर कई महीनों से काम बंद है। एमडीडीए की ओर से कंपनी के मालिकान को तीन नोटिस जारी किए जा चुके हैं। बावजूद इसके अब तक यहां पर दोबारा काम शुरू नहीं किया गया। एमडीडीए के अधिकारियों के अनुसार यहां पर केवल 20 फीसदी काम ही पूरा हो पाया है। इनमें तीनों बेसमेंट बन चुके हैं लेकिन ऊपर दुकान निर्माण का काम पूरा नहीं हो सका। अब एमडीडीए इस काम को अपने हाथों में लेने पर विचार कर रहा है। जल्द ही सामग कंपनी का टेंडर खत्म भी किया जा सकता है।
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कभी लंदन तो कभी दुबई में होता है कंपनी का मालिक
एमडीडीए लगातार सामग कंपनी के मालिक से बात कर रही है। कंपनी का मालिक खुद को कभी लंदन में तो कभी दुबई में बताता है। एमडीडीए को अब तक न तो नोटिस का जवाब कंपनी की ओर से मिला और न ही फोन पर कोई वाजिब कारण बताया गया। ऐसे में अब कंपनी का करार खत्म कर दिया जाएगा, इसकी पूरी संभावना है।
दूसरे चरण में तोड़ा जाना है पूरा मार्केट
चार साल में अभी पहला चरण भी पूरा नहीं हो पाया। ऐसे में दूसरे चरण के लिए अभी कुछ साल और लग सकते हैं। दूसरे चरण में लैंसडॉन चौक तक की दुकानों को तोड़कर यहां नया बाजार विकसित किया जाना है। इस जगह भी 200 से ज्यादा नई दुकानें बनाई जानी हैं।
एमडीडी कई नोटिस सामग कंपनी को भेज चुका है। नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया गया है। ऐसे में अब विचार किया जा रहा है कि कंपनी का करार खत्म कर एमडीडीए इस काम को अपने हाथों में लेगा। ताकि यहां पर जल्द से जल्द काम पूरा कर व्यापारियों को राहत दी जा सके। व्यापारियों के हित में एमडीडीए लगातार काम कर रहा है। - मोहन सिंह बर्निया, सचिव, एमडीडीए