तस्कर की कार से खैर की लकड़ी बाहर निकालने में जुटे वनकर्मियों को मंगलवार को सरेशाम जिंदा जलाने की कोशिश की। उन्होंने कार पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी। आग की चपेट में आकर तीन वनकर्मी बुरी तरह झुलस गए। साथी कर्मचारियों ने किसी तरह उन्हें बचाकर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है।
रनसाली वन क्षेत्राधिकारी डीडी जोशी को मुखबिर ने मंगलवार को सूचना दी कि वन तस्कर कार से बेशकीमती खैर की लकड़ी की तस्करी कर रहा है। इस पर रेंजर ने वन विभाग की टीम गठित कर घेराबंदी कर दी, परंतु तस्कर वनकर्मियों को गच्चा देते हुए कार सहित अपने घर ग्राम ध्यानपुर पहुंच गया। वन विभाग की टीम भी पीछा करते हुए मौके पर पहुंची।
वनकर्मियों को देखकर कारसवार तस्कर कार छोड़ कर फरार हो गया। इस पर टीम ने कार को कब्जे में ले लिया। वन कर्मी गणेश दत्त पांडे, विनोद मेहता एवं गुरमेज सिंह कार में लदी खैर की लकड़ी निकालने का प्रयास कर ही रहे थे कि वन तस्कर के परिजनों ने कार पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। जब तक वन कर्मी कुछ समझते आग की चपेट में आकर तीनों गंभीर रूप से झुलस गए।
वहां मौजूद दूसरे वन कर्मियों ने किसी तरह आग पर काबू पाया तथा घायलों को तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। फार्मेसिस्ट हरीश चंद सती ने बताया कि वन कर्मियों का प्राथमिक उपचार कर उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। वन विभाग की टीम ने अस्पताल में कर्मियों को भर्ती कराने के बाद पुलिस को घटना की जानकारी दी। थानाध्यक्ष डीएल वर्मा के अनुसार जानकारी मिलने पर पुलिस टीम घटनास्थल की ओर रवाना की गई, लेकिन कुछ खास हासिल नहीं हो सका। वनकर्मियों ने तहरीर नहीं दी है, तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। दूसरी तरफ जिले के आला वन अफसरों को देर रात तक इस घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।