चकराता क्षेत्र के गांव की महिलाएं किसी भी सामाजिक आयोजन में केवल कानों में कुंडल, मुर्की, झुमकी या बाली, नाक में फूली, हाथ में अंगूठी और गले में मंगलसूत्र या पेंडेंट ही पहन सकेंगी। इसके अतिरिक्त अन्य प्रकार के भारी या महंगे दिखने वाले आभूषणों पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा।
चकराता क्षेत्र के ग्राम खारसी, मानुवा और गेहरी के ग्रामीणों की सोमवार को बैठक आयोजित की गई। इसमें सर्वसम्मति से सामाजिक कार्यक्रमों में महिलाओं के आभूषण पहनने की सीमा तय की गई। इसके साथ ही शराब के सेवन पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने की की घोषणा की गई।
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बैठक में तय किया गया कि गांव की महिलाएं किसी भी सामाजिक आयोजन में केवल कानों में कुंडल, मुर्की, झुमकी या बाली, नाक में फूली, हाथ में अंगूठी और गले में मंगलसूत्र या पेंडेंट ही पहन सकेंगी। इसके अतिरिक्त अन्य प्रकार के भारी या महंगे दिखने वाले आभूषणों पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। गांव में शराब के सेवन को भी रोका गया है।
गांव स्याणा शूरवीर सिंह पंवार ने बताया कि यह निर्णय सामाजिक समानता, सादगी व महंगाई को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सभी लोगों ने सर्वसम्मति से इस निर्णय को स्वीकार किया है।