शीशमबाड़ा कूड़ा निस्तारण केंद्र के विरोध में क्षेत्रवासियों का धरना 45वें दिन भी जारी रहा। सोमवार को महिलाओं ने भी कूड़ा निस्तारण केंद्र के विरोध में धरना दिया। साथ ही प्लांट नहीं हटने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।
महिलाओं ने आरोप लगाया कि सरकार आज महिला हिंसा मुक्ति दिवस मना रही है, लेकिन सेलाकुई में कूड़ेदान के रूप में सरेआम हिंसा हो रही है। सरकार की नीयत साफ होती तो प्लांट को यहां से हटाती। महिलाओं ने कहा कि उन्हें अपने मासूम बच्चों को इस जहरीली हवा और विषैले पानी से बचाना मुश्किल हो गया है। बच्चे लगातार बीमार हो रहे हैं। दुर्गंध के कारण बच्चे स्कूल जाने से भी डरते हैं और लौटकर घरों में कैद हो जाते हैं। जब से यह प्लांट लगा है तभी से बच्चों ने बाहर खुले में खेलना और घूमना तक बंद कर दिया। महिलाओं ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जल्द प्लांट नहीं हटाया तो उन्हें बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। साथ ही अगर क्षेत्र में मुख्यमंत्री, विधायक और सांसद आएंगे तो उनका घेराव किया जाएगा। धरने में बीरा चौहान, आशा रावत, सपना शर्मा, विनीता भंडारी, कमला नेगी, ममता त्यागी, ललिता कंडारी, नीमा जोशी, ममता रावत, दीपा जोशी, किरण नेगी, सुषमा भट्ट, ज्योति गुसाईं, राधा कठैत, आशा चौहान, कुसुम भट्ट, सुलोचना रावत, राखी नेगी, राखी झा, निशा दास, मीरा देवी यादव, सुषमा राणा, किरण रावत, रजनी रावत, आशा कंडारी, सीमा, संजना, ऊषा चौहान, सुमित्रा रावत आदि शामिल रहीं।