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भावी PM के सामने आधी आबादी ने फैलाए हाथ

Sun, 25 May 2014 03:26 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, हल्द्वानी
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लोकसभा चुनाव में भाजपा के स्लोगन ‘अच्छे दिन आने वाले हैं’ और नरेंद्र मोदी की रैलियों से उत्तराखंड की महिलाएं बेहद प्रभावित हुईं।
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सत्ता में बदलाव की उम्मीद से उन्होंने घर से बाहर निकलकर वोटिंग का नया रिकॉर्ड बना डाला।

ज्यादातर महिलाओं ने मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए नैनीताल सीट पर भगत सिंह कोश्यारी और अल्मोड़ा सीट पर अजय टम्टा को वोट दिया।

महंगाई की मार झेल रही अल्मोड़ा, चंपावत और बागेश्वर जिले की महिलाओं ने रिकॉर्ड मतदान कर पहली बार पुरुषों को पीछे छोड़ दिया।

आधी रात में घर से बाहर अकेली जा पाएंगी महिलाएं?

पिथौरागढ़ और रुद्रपुर जिले की महिलाएं वोटिंग में थोड़ा पीछे रहीं, लेकिन नैनीताल जिले की महिलाएं पुरुषों के बराबर पहुंच गईं।

ये महिलाएं अब केंद्र में बनने वाली मोदी सरकार से गुजरात की तरह सुरक्षा का माहौल पाने की उम्मीद करने लगी हैं।

मनोनीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राज में सवाल उठने लगा है कि क्या कुमाऊं की महिलाएं गुजरात की तर्ज पर आधी रात में घर से बाहर अकेली निकल पाएंगी।

चेन स्नेचिंग, छेड़छाड़, लूट जैसी घटनाओं पर लगाम लगेगी। मोदी की ताजपोशी की तैयारियों के बीच महिलाएं अपनी स्वतंत्रता और अधिकारों के प्रति सोचने लगी हैं।

वे महंगाई से राहत पाने की उम्मीद भी लगाए बैठी हैं। गुजरात आर्थिक संपन्नता के साथ महिलाओं के अधिकारों के लिए काफी सुरक्षित माना जाता है।

गुजरात में महिला सुरक्षा के बेहतर इंतजाम

गुजरात में महिला अपराध और उत्पीड़न से जुड़े मामले भी दूसरे राज्यों की तुलना में कम हैं।

लोकसभा चुनाव में मोदी का ‘‘गुजरात मॉडल’’ और ‘‘अच्छे दिन आने वाले हैं’’ हर मतदाता की जुबान पर था। आखिर गुजरात मॉडल क्या है?

इसे लेकर आम मतदाताओं ने ज्यादा जानने और समझने की कोशिश नहीं की। अच्छे दिन आने वाले हैं- चुनाव के दौरान हर जुबां पर यही स्लोगन सुनने को मिला। इसी नारे से लोग प्रभावित भी हुए।

अल्मोड़ा के धारानौला निवासी दीपा भट्ट कहती हैं कि कामकाजी और घरेलू महिलाओं के लिए सुरक्षा प्रमुख मुद्दा है।

सुरक्षा की लचर व्यवस्था से महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। दिन ढलने के बाद महिलाओं का अकेले निकलना मुमकिन नहीं होता है। वह कहती हैं कि देश के अन्य राज्यों की अपेक्षा गुजरात में महिला सुरक्षा के बेहतर इंतजाम हैं।

महिला सुरक्षा के मुद्दे पर दिया मोदी को वोट

काशीपुर में फोटो स्टूडियो में काम करने वाली हेमा का कहना है कि उन्होंने महिला सुरक्षा के मुद्दे और मोदी के नाम पर वोट दिया है।

काशीपुर के पक्काकोट निवासी डौली और प्रभा शर्मा ने कहा कि गुजरात में महिलाएं देर रात भी घरों से निकलकर सुरक्षित लौट सकती हैं, लेकिन यहां उलट है।

यही कारण है कि इन्होंने भाजपा को वोट दिया है। काशीपुर के पशुपति विहार निवासी ममता बिष्ट ने कहा कि उन्होंने महंगाई, भ्रष्टाचार और महिला सुरक्षा के नाम पर वोट दिया है।

ऊधमसिंह नगर के ठाकुरद्वारा निवासी गंगा बाफिला ने कहा कि महंगाई और बेरोजगारी दूर करने के लिए सरकार को गंभीरता से प्रयास करने चाहिए।

महिलाओं में पनप रही असुरक्षा की भावना को दूर किया जाना चाहिए। बागेश्वर जिले की कांडा निवासी महिला मंच की अध्यक्ष उमा जोशी का कहना है कि महंगाई इस समय आम जनता की सबसे बड़ी समस्या है।

इससे निपटने के लिए ठोस उपाय होने चाहिए।
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लोकसभा चुनाव-2014 में कुमाऊं में मतदान के आंकड़े

जिला - महिला - प्रतिशत - पुरुष - प्रतिशत
अल्मोड़ा - 140947 - 56.12 - 117972 - 45.40
चंपावत - 49982 - 50.50 - 48928 - 49.46
बागेश्वर - 59414 - 52.52 - 53710 - 47.48
रुद्रपुर - 486913 - 70.47 - 553207 - 72.34
नैनीताल - 196704 - 63.3 - 223182 - 63.61
पिथौरागढ़ - 88951 - 48.5 - 94438 - 51.55
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