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पति की लंबी उम्र के लिए इन महिलाओं ने तोड़ा धर्म का बंधन, किया कुछ ऐसा सलाम करेंगे आप

Mon, 09 Oct 2017 01:54 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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करवा चौथ सिर्फ हिंदू परिवारों तक सीमित नहीं रह गया है - फोटो : amar ujala
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प्रेम का बंधन जाति-धर्म की दीवारों से जुड़ा नहीं होता है। हिंदू धर्म में करवा चौथ का व्रत पति-पत्नी के जन्म-जन्मांतर के वैवाहिक संबंधों को प्यार और समर्पण के साथ दृढ़ता प्रदान करता है।
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इस दिन सुहागिन महिलाएं बिना अन्न-जल ग्रहण किए अपने सुहाग के लिए पूरे दिन व्रत रखती हैं। मौजूदा दौर में करवा चौथ सिर्फ हिंदू परिवारों तक सीमित नहीं रह गया है। इसकी मिसाल ट्रांसपोर्ट नगर निवासी गुलफिशा राठौर और रविंदर राठौर हैं। इस साल ही उनकी शादी हुई है।

गुलफिशा ने पहली बार करवा चौथ का व्रत रखा। गुलफिशा बताती हैं कि उन्होंने अपनी हिंदू सहेलियों व पड़ोस की महिलाओं को करवा चौथ के व्रत की तैयारी करते देखा। वहीं, इस पर्व के महत्ता के बारे में भी पता चला। इसके बाद करवा चौथ का व्रत रखा। गुलफिशा ने बताया कि पति की लंबी आयु के लिए धर्म-जाति का कोई मतलब नहीं है।
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पांच साल से तुलसी रख रहीं आजाद के लिए व्रत

तुलसी ईद, रोजा समेत अन्य त्योहार भी मनाती हैं
जीएमएस रोड निवासी तुलसी पांच साल से अपने पति आजाद अहमद के लिए करवा चौथ का व्रत रख रखती हैं। इसके अलावा तुलसी ईद, रोजा समेत अन्य त्योहार भी मनाती हैं।

तुलसी कहती हैं कि अगर करवा चौथ का व्रत करने से शौहर की उम्र लंबी होती है, तो इससे बड़ी बात एक सुहागिन के लिए और कुछ नहीं हो सकती है।

पति आजाद अहमद बताते हैं कि उनकी पत्नी की इच्छा ही उनके लिए सर्वोपरि है। अगर वह करवा चौथ का व्रत रखती है, तो इससे बढ़कर खुशी की और कोई बात नहीं हो सकती है।
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