केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्टार्ट अप योजना के तहत राज्य सरकार उद्योग लगानेवाली महिलाओं व एससी-एसटी उद्यमियों को स्टांप ड्यूटी में शत-प्रतिशत छूट देगी।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद स्टार्ट अप पालिसी- 2016 को लागू कर दिया गया। इसके लिए जहां स्टेट लेवल इंटर प्रेन्योरशिप काउंसिल का गठन किया गया है, वहीं आईआईटी, आईआईएम के विशेषज्ञों को नोडल आफिसर बनाया गया है।
अपर सचिव औद्योगिक विकास डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि राज्य में लागू की गई स्टार्ट अप पालिसी-2016 के तहत दो लाख का सालाना टर्न ओवर करने वाले उद्यमियों को वैट में छूट मिलेगी। साथ ही कोई उद्यमी अपने उत्पाद का पेटेंट कराएगा तो देश में पेटेंट कराने पर दो लाख और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेटेंट कराने पर पांच लाख की वित्तीय सहायता दी जाएगी।
योजना में तेजी लाने के लिए आईआईटी और आईआईएम के विशेषज्ञों को नोडल आफिसर बनाया जा रहा है, ताकि युवाओं को उद्यके प्रति प्रेरित किया जा सके। कोई महिला, अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के युवा स्टार्ट अप पालिसी के तहत कारोबार शुरू करना चाहते हैं तो उन्हें जमीन खरीदने में स्टांप ड्यूटी में सौ फीसदी की छूट दी जाएगी।